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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Mail completed 107 years ran between Mumbai to Peshawar

107 बरस की हुई ऐतिहासिक पंजाब मेल, मुंबई-पेशावर के बीच दौड़ती थी

Sun, 02 Jun 2019 03:41 AM IST
राजेश सैनी अनिल कुमार, फिरोजपुर
अनिल कुमार, फिरोजपुर Published by: राजेश सैनी Updated Sun, 02 Jun 2019 03:41 AM IST
सार

-बंटवारे के बाद से चलती है फिरोजपुर-मुंबई के बीच 

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Punjab Mail completed 107 years ran between Mumbai to Peshawar
फाइल फोटो

विस्तार

फिरोजपुर-मुंबई के बीच दौड़ने वाली ऐतिहासिक पंजाब मेल शनिवार को 107वें बरस में प्रवेश करने वाली देश की पहली ट्रेन बन गई है। यह ट्रेन एक जून 1912 को मुंबई और पेशावर (पाकिस्तान) के बीच चली थी। भारत-पाक बंटवारे के बाद से ट्रेन फिरोजपुर से मुंबई के बीच चलने लगी, जो आज भी रोजाना फिरोजपुर से मुंबई के लिए रात के समय चलती है। 

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पंजाब मेल की शुरुआत एक जून 1912 में हुई थी। तब यह बल्लार्ड पियर से पेशावर तक जाती थी। यह ट्रेन विशेष रूप से ब्रिटिश अधिकारियों, सिविल सेवकों और उनके परिवारों को मुंबई  से दिल्ली और फिर ब्रिटिश भारत के उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत तक ले जाने के लिए चलाई गई थी। 1914 में इसका शुरुआती स्टेशन बदलकर विक्टोरिया टर्मिनल कर दिया गया था, जिसे अब छत्रपति शिवाजी के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद यह फिरोजपुर से छत्रपति शिवाजी टर्मिनल मुंबई के मध्य चल रही है।
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शुरुआत में पंजाब मेल का इंजन कोयले से चलता था और इसके पीछे लकड़ी वाले कोच लगे होते थे। शुरुआती दिनों में इसे पंजाब लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। आजादी से पहले यह पेशावर, लाहौर, अमृतसर, दिल्ली, आगरा, इटारसी के बीच 2496 किलोमीटर का सफर तय करती थी। शुरू में इसे केवल अंग्रेजों के लिए चलाया जाता था। वर्ष 1930 में इसमें आम जनता के लिए भी डिब्बे जोड़े गए। 

बंटवारे से पहले पंजाब मेल मुंबई से चल कर फिरोजपुर होती हुई हुसैनीवाला बार्डर के जरिए पाकिस्तान के लाहौर से होती हुई पेशावर पहुंचती थी। बंटवारे के बाद ट्रेन को पाकिस्तान भेजना बंद कर दिया गया था। इसके बाद से पंजाब मेल फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन से रोजाना रात को मुंबई के लिए रवाना होती है। 

एसी कोच 1945 में जोड़े गए
1945 में इसमें पहली बार वातानुकूलित डिब्बे जोड़े गए। इस समय पंजाब मेल एक फेरे में 3840 किलोमीटर का सफर तय करती है और इसमें एसी फर्स्ट, एसी सेकेंड, एसी थर्ड के कुल आठ डिब्बे, 12 स्लीपर क्लास व चार जनरल क्लास के डिब्बे लगाए जाते है, ट्रेन में डिब्बों की कुल संख्या 24 है।
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