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200 साल पुरानी इस दरगाह को हटाने का मामले पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने दी राहत

Sat, 25 Feb 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 25 Feb 2017 09:10 AM IST
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punjab haryana highcourt give relief in case to demolish naugaja peer from chandigarh highway
नौगजा पीर
200 साल पुराने नौ गजा पीर की दरगाह को हटाए जाने के मामले की सुनवाई हुई तो पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने याचियों को बहुत बड़ी राहत दी। अंबाला कैंट स्थित नौ गजा पीर दरगाह की जगह गिराए जाने पर लगाई गई रोक को आगे बढ़ाते हुए सुनवाई 31 अगस्त तक टाल दी है।
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इससे पहले हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा के मुख्य सचिव सहित पीडब्ल्यूडी के सचिव, अंबाला के जिला मजिस्ट्रेट, कार्यकारी इंजीनियर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए समय दिए जाने की अपील पर हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी है।
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परमधाम नौ गजा पीर बाबा चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंधक विजय शुक्ला की ओर से एडवोकेट समीर सचदेवा के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया गया था कि यह न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि ऐतिहासिक स्थल भी है, जो पिछले लगभग 200 वर्षों से यहां है। इस स्थल पर सभी धर्म के लोगों की आस्था है।
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संत की साधना का प्रतीक है नौगजा पीर

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नौगजा पीर
धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां एक संत ने साधना की है, जोकि नौ फुट लंबे हुआ करते थे। वर्ष 1923 में उनकी मृत्यु के बाद यहां उनकी समाधि बना दी गई थी। तब से इस जगह को पवित्र मानते हुए लोगों की आस्था बनी हुई है। 2015 तक यहां का कामकाज बिना किसी व्यवधान के चलता रहा। बिजली, पानी और सीवर का कनेक्शन भी है। ट्रस्ट कई सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है।

यह स्थान नेशनल हाईवे पर होने के कारण इस जगह पर माफियाओं की नजर पड़ी और तभी से यहां दिक्कतें शुरू हो गईं। 23 अक्टूबर 2015 को अंबाला पीडब्ल्यूडी के एसडीई ने याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर कहा कि यह जगह पीडब्ल्यूडी की है। लिहाजा, इस जगह को खाली किया जाए। उसके बाद बीते साल 23 मार्च को यह कहते हुए खाली करने को कहा गया कि यह जगह नेशनल हाईवे की है।

इसके बाद 7 अक्टूबर को पीडब्ल्यूडी के एसडीई ने बिजली विभाग को यहां का कनेक्शन काटे जाने के लिए पत्र लिख दिया। इसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने अंबाला की जिला अदालत में इस आदेश को चुनौती दे दी और जिला अदालत ने 28 नवंबर को यहां के बिजली के कनेक्शन को काटे जाने के आदेश पर रोक लगा दी थी। इस रोक के बावजूद हाल ही में 10 जनवरी को इस स्थल को खाली करवाए जाने का एक और नोटिस भेज दिया गया।
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