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Highcourt: अदालत में मामला लंबित फिर क्यों दिया नोटिस.. चंडीगढ़ आबकारी विभाग को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
Fri, 20 Oct 2023 01:31 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 20 Oct 2023 01:31 PM IST
सार
6 बे फूड कंपनी ने हाईकोर्ट को बताया था कि उन्हें वर्ष 2023-24 के लिए सेक्टर 17 में शराब का ठेका चलाने का लाइसेंस मिला था। इसके लिए उन्होंने सालाना फीस का 10 प्रतिशत 20 मार्च 2023 को जमा करवा दिया था। इसके बाद बाकी का पैसा नौ समान किश्तों में जमा करवाना था।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ के आबकारी विभाग द्वारा 6 बे फूड कंपनी को जारी कारण बताओ नोटिस और उनका ठेका सील करने को न्यायालय के आदेश की अवहेलना का प्रयास करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी ने इतनी जल्दबाजी में काम किया, जिसकी किसी भी स्थिति में सराहना नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग को तुरंत ठेका खोलने का आदेश जारी किया है।
अर्जी दाखिल करते हुए 6 बे फूड कंपनी ने हाईकोर्ट को बताया था कि उन्हें वर्ष 2023-24 के लिए सेक्टर 17 में शराब का ठेका चलाने का लाइसेंस मिला था। इसके लिए उन्होंने सालाना फीस का 10 प्रतिशत 20 मार्च 2023 को जमा करवा दिया था। इसके बाद बाकी का पैसा नौ समान किश्तों में जमा करवाना था। याचिकाकर्ता ने जुलाई तक हर माह 60 लाख रुपये विभाग को जमा करवाए लेकिन अगस्त का पैसा जमा नहीं करवा सका।
यह भी पढ़ें: Moga Double Murder: मोगा में आपसी रंजिश में फायरिंग, गोली लगने से कांग्रेस के सरपंच और साथी की मौत
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ऐसे में 15 सितंबर को फीस जमा न करवाने पर उसका ठेका सील कर दिया गया। इसके खिलाफ याची कंपनी हाईकोर्ट पहुंची थी। हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को आबकारी विभाग को आदेश दिया कि याची का ठेका खोल दिया जाए। याची 20 दिन में अगस्त माह की लंबित फीस दो किश्तों में जमा करवाएगा। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने सुनवाई 6 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी थी।
याची ने अब अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि वह तय राशि 12 अक्तूबर तक जमा करवा चुका था और अब उसे बाकी अगली किश्त की राशि अगले 30 दिन में जमा करवानी थी। बावजूद इसके आबकारी विभाग के कलेक्टर ने शो कॉज नोटिस जारी कर 18 अक्तूबर को ठेका बंद करवा दिया। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उसका ठेका खुलवाया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन था और ऐसे में विभाग ने लंबित राशि की किश्तों की अवधि तय करने के लिए न्यायालय आने के स्थान पर इस प्रकार शो कॉज नोटिस जारी कर दिया। यह नोटिस न्यायालय के आदेश की अवहेलना का प्रयास नजर आता है जिसे किसी भी स्थिति में सराहा नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने तुरंत प्रभाव से ठेका खोलने का विभाग को आदेश दिया है। साथ ही याची को आदेश दिया है कि हर माह की 27 और 12 तारीख को वह लाइसेंस फीस की किश्तें अगली सुनवाई तक जमा करवाता रहेगा।
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अर्जी दाखिल करते हुए 6 बे फूड कंपनी ने हाईकोर्ट को बताया था कि उन्हें वर्ष 2023-24 के लिए सेक्टर 17 में शराब का ठेका चलाने का लाइसेंस मिला था। इसके लिए उन्होंने सालाना फीस का 10 प्रतिशत 20 मार्च 2023 को जमा करवा दिया था। इसके बाद बाकी का पैसा नौ समान किश्तों में जमा करवाना था। याचिकाकर्ता ने जुलाई तक हर माह 60 लाख रुपये विभाग को जमा करवाए लेकिन अगस्त का पैसा जमा नहीं करवा सका।
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ऐसे में 15 सितंबर को फीस जमा न करवाने पर उसका ठेका सील कर दिया गया। इसके खिलाफ याची कंपनी हाईकोर्ट पहुंची थी। हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को आबकारी विभाग को आदेश दिया कि याची का ठेका खोल दिया जाए। याची 20 दिन में अगस्त माह की लंबित फीस दो किश्तों में जमा करवाएगा। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने सुनवाई 6 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी थी।
याची ने अब अर्जी दाखिल करते हुए बताया कि वह तय राशि 12 अक्तूबर तक जमा करवा चुका था और अब उसे बाकी अगली किश्त की राशि अगले 30 दिन में जमा करवानी थी। बावजूद इसके आबकारी विभाग के कलेक्टर ने शो कॉज नोटिस जारी कर 18 अक्तूबर को ठेका बंद करवा दिया। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि उसका ठेका खुलवाया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन था और ऐसे में विभाग ने लंबित राशि की किश्तों की अवधि तय करने के लिए न्यायालय आने के स्थान पर इस प्रकार शो कॉज नोटिस जारी कर दिया। यह नोटिस न्यायालय के आदेश की अवहेलना का प्रयास नजर आता है जिसे किसी भी स्थिति में सराहा नहीं जा सकता। हाईकोर्ट ने तुरंत प्रभाव से ठेका खोलने का विभाग को आदेश दिया है। साथ ही याची को आदेश दिया है कि हर माह की 27 और 12 तारीख को वह लाइसेंस फीस की किश्तें अगली सुनवाई तक जमा करवाता रहेगा।