{"_id":"6270c6bd0d5b427f1a192600","slug":"punjab-haryana-high-court-reject-petition-seeking-default-bail-by-accused-of-misdeed-with-minor","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: बिना एफएसएल रिपोर्ट के दाखिल चालान अधूरा नहीं, हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को नहीं माना डिफॉल्ट जमानत का हकदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: बिना एफएसएल रिपोर्ट के दाखिल चालान अधूरा नहीं, हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को नहीं माना डिफॉल्ट जमानत का हकदार
Tue, 03 May 2022 11:38 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 03 May 2022 11:38 AM IST
सार
जस्टिस सुवीर सहगल ने कहा कि चालान के साथ पीड़िता का बयान, उसकी मां का बयान, दादी का बयान, मेडिकल, कपड़े आदि सौंपे गए हैं। ऐसे में चालान को अधूरा नहीं कहा जा सकता। एफएसएल की रिपोर्ट बाद में तथ्यों को जोड़ने का काम करेगी।
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की ओर से डिफॉल्ट जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि बिना एफएसएल रिपोर्ट के दाखिल चालान को अधूरा नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने बिना एफएसएल की रिपोर्ट के दाखिल चालान को पूर्ण मानते हुए याची को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
एफआईआर के अनुसार तरनतारन निवासी शिकायतकर्ता की 6 साल की पोती 9 अक्तूबर 2021 को दोपहर में कुलविंदर सिंह के घर गई थी। इसी बीच शिकायतकर्ता को कुछ आवाज सुनाई दी। जब वह घर के अंदर गई तो कुलविंदर वहां से भाग गया और बच्ची खून से लथपथ वहां पड़ी थी। शर्म के चलते कुछ दिन तक इस बारे में किसी को नहीं बताया। बाद में 14 अक्तूबर को शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए कुलविंदर ने बताया कि इस मामले में चालान पेश करते हुए एफएसएल की रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई है। ऐसे में यह चालान अधूरा है और याची डिफॉल्ट जमानत का हकदार है। जस्टिस सुवीर सहगल ने कहा कि चालान के साथ पीड़िता का बयान, उसकी मां का बयान, दादी का बयान, मेडिकल, कपड़े आदि सौंपे गए हैं। ऐसे में चालान को अधूरा नहीं कहा जा सकता। एफएसएल की रिपोर्ट बाद में तथ्यों को जोड़ने का काम करेगी। निचली अदालत के फैसले पर मुहर लगाते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन