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पंजाब के निजी स्कूलों की फीस को लेकर हाईकोर्ट का सुरक्षित रखा फैसला, दायर हलफनामा पढ़ें

Sat, 20 Jun 2020 11:14 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 20 Jun 2020 11:14 AM IST
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Punjab Haryana High Court Keep safe Decision on School Fees of Private Schools
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूले जाने के मामले में शुक्रवार को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब जल्द ही हाईकोर्ट इन सभी याचिकाओं पर अपना फैसला सुना सकता है। हाईकोर्ट के आदेशों पर शुक्रवार को पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने हलफनामा दायर कर बताया कि सरकार के 14 मई के आदेशों के तहत स्कूल एडमिशन फीस वसूल सकते हैं, लेकिन इसकी अंतिम तारीख बढ़ानी होगी यानी जब तक स्कूल नहीं खुलते हैं, यह फीस नहीं वसूली जा सकती।
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स्कूल खुलने के बाद एडमिशन फीस जमा करवाने के लिए एक महीने का समय देना होगा। जहां तक ट्यूशन फीस वसूले जाने का मामला है तो सरकार ने 14 मई के अपने आदेशों को सही करार देते हुए साफ़ कर दिया है कि सिर्फ वही स्कूल ट्यूशन फीस वसूल सकते हैं जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी है। वहीं, लॉकडाउन के दौरान जो स्कूल सेवाएं दे ही नहीं पाए हैं उन चार्जेज की वसूली नहीं कर सकते हैं जैसे कि एनुएल चार्जेज, बिल्डिंग, डेवलपमेंट, बिजली, पानी और स्पोर्ट्स जैसे चार्ज लॉकडाउन के दौरान के नहीं वसूले जा सकते हैं।
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अभिभावकों की ओर से एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी ने कहा कि निजी स्कूलों का यह कहना कि लॉकडाउन से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। अगर वह छात्रों से फीस नहीं लेंगे तो स्कूलों के स्टाफ का वेतन और अन्य खर्च निकालने मुश्किल हो जाएंगे, जो कि पूरी तरह से गलत और निराधार है, क्योंकि निजी स्कूल अपनी इस दलील को साबित करने में नाकाम रहे हैं। अगर ऐसा है तो निजी स्कूलों को अपनी आईटीआर और बैलेंस शीट दिखानी चाहिए, जिससे साबित हो सके उन्हें वित्तीय नुकसान हुआ है। जबकि निजी स्कूलों ने ऐसा कोई भी दस्तावेज हाईकोर्ट में नहीं सौंपा है।
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बागड़ी ने तो यहां तक कहा कि कई स्कूल चाहे लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लास की सुविधा दे रहे हैं। लेकिन कई छात्र जो गांवों के हैं वे इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे। उन छात्रों से भी ट्यूशन फीस की वसूली नहीं की जानी चाहिए। लॉकडाउन से सभी अभिभावकों को नुकसान उठाना पड़ा है, ऐसे में अभिभावकों को राहत दिया जाना बेहद जरूरी है।
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