{"_id":"5dcb8d188ebc3e5b550c6ea5","slug":"punjab-haryana-high-court-decision-in-a-divorce-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पत्नी से पशु जैसे बर्ताव की अनुमति नहीं दी जा सकती, सम्मान से जीने का अधिकार है: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी से पशु जैसे बर्ताव की अनुमति नहीं दी जा सकती, सम्मान से जीने का अधिकार है: हाईकोर्ट
Wed, 13 Nov 2019 10:28 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 13 Nov 2019 10:28 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति के खिलाफ दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक को मंजूरी देते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश खारिज कर दिए। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि पत्नी से पशु जैसा बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है क्योंकि उसको भी सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है।
जीरकपुर निवासी पत्नी का विवाह अंबाला निवासी के साथ हरिद्वार में 2004 में हुआ था और उसके बाद वे अंबाला में ही रहने लगे। 2004 में उन्हें एक बेटी हुई और 2007 में एक बेटा। पत्नी के आरोप के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति याची के घरवालों से किसी न किसी बहाने पैसे की वसूली करता था।
इसके साथ ही वह याची व उसके बच्चों के साथ वह बहुत बुरा बर्ताव व गाली गलौच करता था। आय 1 लाख रुपये महीना होने के बावजूद वह याची को पैसे नहीं देता था, जिसके चलते उसे बुटीक खोलने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीरकपुर निवासी पत्नी का विवाह अंबाला निवासी के साथ हरिद्वार में 2004 में हुआ था और उसके बाद वे अंबाला में ही रहने लगे। 2004 में उन्हें एक बेटी हुई और 2007 में एक बेटा। पत्नी के आरोप के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति याची के घरवालों से किसी न किसी बहाने पैसे की वसूली करता था।
विज्ञापन
इसके साथ ही वह याची व उसके बच्चों के साथ वह बहुत बुरा बर्ताव व गाली गलौच करता था। आय 1 लाख रुपये महीना होने के बावजूद वह याची को पैसे नहीं देता था, जिसके चलते उसे बुटीक खोलने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
समझौता हुआ, पर पति का बर्ताव नहीं बदला
याची ने तंग आकर पुलिस में शिकायत दी, जिसके बाद समझौता हुआ लेकिन पति का बर्ताव नहीं बदला। जवाब मे पति ने कहा कि याची ने जो आरोप लगाए हैं, वे सभी फर्जी हैं। वह घर खर्च के लिए पूरे पैसे देता था। याची की बुटीक खोलने की इच्छा थी, जिसे पूरा करने के लिए भी उसने पैसे दिए थे।
इसके साथ ही यह भी कहा कि घर वालों की मर्जी के खिलाफ उसकी लव मैरिज हुई थी। ऐसे में दहेज का कोई मतलब ही नहीं बनता। वहीं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पत्नी की याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि जब तक पत्नी प्रताड़ना की हद तक नहीं पहुंचती, वह बच्चों के साथ पति का घर छोड़ने का निर्णय नहीं लेती।
इसके साथ ही यह भी कहा कि घर वालों की मर्जी के खिलाफ उसकी लव मैरिज हुई थी। ऐसे में दहेज का कोई मतलब ही नहीं बनता। वहीं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पत्नी की याचिका को मंजूर करते हुए कहा कि जब तक पत्नी प्रताड़ना की हद तक नहीं पहुंचती, वह बच्चों के साथ पति का घर छोड़ने का निर्णय नहीं लेती।