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हाईकोर्ट की बाउंड्री वॉल मामले में फंसा हेरिटेज का पेंच, अधिकारियों के साथ बातचीत रही असफल
Wed, 06 Nov 2019 01:33 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Nov 2019 01:33 PM IST
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार बनाने के आदेश को 12 दिन बीत चुके हैं। सुरक्षा के लिए बनने वाली चहारदीवारी हेरिटेज के पेच में फंस गई है। मंगलवार को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों और सुरक्षा कमेटी के बीच लंबी बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत असफल रही है।
हाईकोर्ट के चारों ओर चहारदीवारी बनाने के आदेश पर प्रशासन का तर्क है कि यह बिल्डिंग के हेरिटेज स्टेटस के खिलाफ है। बीते 12 दिनों से बातचीत और सलाह- मशविरा का दौर जारी है। चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों को हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी ने चहारदीवारी बनाने के लिए सात दिन के अंदर अनुमानित लागत तैयार करने के आदेश दिए थे।
इसके बाद तीन हफ्ते के अंदर हाईकोर्ट भवन के चारों ओर चहारदीवारी बनाने को कहा गया था। आदेश के अगले ही दिन प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया। इस संदर्भ में विशेषज्ञों से राय ली गई और फिर रिपोर्ट तैयार की गई।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि हाईकोर्ट के चारों ओर चहारदीवारी नहीं बनाई जा सकती क्योंकि यह हेरिटेज स्टेटस बिल्डिंग के नियम के बिल्कुल खिलाफ है, इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति है।
हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी ने दिए थे यह आदेश
हाईकोर्ट को मिल रही धमकियों के बाद बीते दिनों जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी बैठक की हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। इसके बाद हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार और उसके ऊपर कंटीली तार लगाने के आदेश जारी किए गए थे।
इसके साथ ही कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट भवन सुरक्षित नहीं है, यहां कोई भी बाहरी प्रवेश कर सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन बार-बार हेरिटेज स्टेटस का कार्ड खेलना बंद करे और तीन हफ्ते के अंदर बाउंड्री वॉल बनाए। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर को काम शुरू होने के बाद से हर हफ्ते की फोटो मांगी है, ताकि चल रहे काम की निगरानी की जा सके।
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हाईकोर्ट के चारों ओर चहारदीवारी बनाने के आदेश पर प्रशासन का तर्क है कि यह बिल्डिंग के हेरिटेज स्टेटस के खिलाफ है। बीते 12 दिनों से बातचीत और सलाह- मशविरा का दौर जारी है। चंडीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों को हाईकोर्ट की सुरक्षा कमेटी ने चहारदीवारी बनाने के लिए सात दिन के अंदर अनुमानित लागत तैयार करने के आदेश दिए थे।
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इसके बाद तीन हफ्ते के अंदर हाईकोर्ट भवन के चारों ओर चहारदीवारी बनाने को कहा गया था। आदेश के अगले ही दिन प्रशासन के अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया। इस संदर्भ में विशेषज्ञों से राय ली गई और फिर रिपोर्ट तैयार की गई।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि हाईकोर्ट के चारों ओर चहारदीवारी नहीं बनाई जा सकती क्योंकि यह हेरिटेज स्टेटस बिल्डिंग के नियम के बिल्कुल खिलाफ है, इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति है।
हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी ने दिए थे यह आदेश
हाईकोर्ट को मिल रही धमकियों के बाद बीते दिनों जस्टिस राजीव शर्मा की अध्यक्षता में हाईकोर्ट सुरक्षा कमेटी बैठक की हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट भवन की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। इसके बाद हाईकोर्ट भवन के चारों ओर सात फुट ऊंची दीवार और उसके ऊपर कंटीली तार लगाने के आदेश जारी किए गए थे।
इसके साथ ही कमेटी ने कहा कि हाईकोर्ट भवन सुरक्षित नहीं है, यहां कोई भी बाहरी प्रवेश कर सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन बार-बार हेरिटेज स्टेटस का कार्ड खेलना बंद करे और तीन हफ्ते के अंदर बाउंड्री वॉल बनाए। कमेटी ने चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर को काम शुरू होने के बाद से हर हफ्ते की फोटो मांगी है, ताकि चल रहे काम की निगरानी की जा सके।