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Punjab News: मान सरकार से राज्यपाल नाराज, कहा- PAU के वीसी की नियुक्ति नियमों के खिलाफ, हटाने को कहा

Tue, 18 Oct 2022 05:08 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 18 Oct 2022 05:08 PM IST
सार

गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने पत्र में सरकार को हिदायत की है कि नए वीसी की नियुक्ति तक कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव को कार्यभार सौंपा जाए और नए वीसी की नियुक्ति के लिए चांसलर के परामर्श के साथ नियमानुसार प्रक्रिया शुरू की जाए।

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Punjab Governor ask government to remove newly appointed VC of Punjab Agricultural University Satveer Gosal
पंजाब - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की नियुक्ति के प्रस्ताव को रद्द करने का विवाद अभी थमा भी नहीं कि मंगलवार को पंजाब सरकार और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के बीच फिर से खींचतान सामने आ गई है। राज्यपाल ने सरकार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के वीसी सतबीर सिंह गोसल को हटाने को कहा है। 

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राज्यपाल का कहना है कि यह नियुक्ति यूजीसी के नियमों के खिलाफ है और चांसलर की मंजूरी के बिना की गई है। यह भी निर्देश दिए हैं कि नए वीसी की नियुक्ति तक कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव को कार्यभार सौंपा जाए और नए वीसी की नियुक्ति चांसलर के परामर्श के साथ नियमानुसार प्रक्रिया शुरू की जाए। 
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राज्यपाल इस यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं। गोसल की नियुक्ति 20 अगस्त को हुई थी। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही राज्यपाल ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर पद पर डॉ. गुरप्रीत सिंह वांडर की नियुक्ति संबंधी राज्य सरकार का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। राज्यपाल ने फाइल लौटाते हुए कहा कि वांडर की नियुक्ति नियमानुसार नहीं है। नियुक्ति के लिए शार्ट लिस्ट किए गए तीन नामों का पैनल भेजें ।
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वीसी की नियुक्ति नियमानुसार 
पंजाब के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार को भेजा गया उनका पत्र वास्तव में दिल्ली भाजपा मुख्यालय से तैयार किया गया है। पीएयू हरियाणा और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम 1970 के तहत आते हैं। यूजीसी का पीएयू से कोई लेना देना नहीं है। यह कार्रवाई करने से पहले राज्यपाल को विश्वविद्यालय अधिनियम को पढ़ना चाहिए था और अगर यह अवैध नियुक्ति है तो उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि लुधियाना विश्वविद्यालय के वीसी का पद एक साल से खाली क्यों है? धालीवाल ने कहा कि मान सरकार ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर तीन नामों का चयन करके यूनिवर्सिटी बोर्ड को भेजा था। बोर्ड ने ही यह नियुक्ति की है। उन्होंने राज्यपाल से राज्य सरकार को भेजे गए अपने पत्र को तुरंत वापस लेने और पंजाबियों से तुरंत माफी मांगने को कहा है।

राज्यपाल ने यह लिखा पत्र में
पंजाब सरकार को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, यह मेरे संज्ञान में लाया गया है कि सरकार ने यूजीसी के मानदंडों और चांसलर की मंजूरी के बिना सतबीर सिंह गोसल को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना का वीसी नियुक्त किया है। पंजाब सरकार का यह कृत्य पूरी तरह से अवैध है और इसे किसी भी तर्क से स्वीकार नहीं किया जा सकता है। बिना किसी देरी के गोसल को वीसी के पद से हटाया जाए।


नए कुलपति की नियुक्ति तक पीएयू के कुलपति का प्रभार कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव को सौंपा जा सकता है। आपसे यह भी अनुरोध है कि आप अपने संबंधित विभाग को, कुलाधिपति के परामर्श से नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निर्देश दें। मुझे उम्मीद है कि आप इस मुद्दे की गंभीरता को समझेंगे और सही भावना से तुरंत सुधारात्मक उपाय करेंगे।

 

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