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पंजाब में मुफ्त बिजली का प्लान: 5000 करोड़ का पड़ेगा अतिरिक्त बोझ, पीएसपीसीएल की सलाह- आगामी मानसून के महीनों में लागू करें
Fri, 15 Apr 2022 12:25 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 15 Apr 2022 12:25 AM IST
सार
पंजाब पर इस समय तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। किसानों, आरक्षित वर्ग और बीपीएल परिवारों के लिए पहले से लागू 200 यूनिट मुफ्त बिजली के चलते राज्य सरकार हर साल 10 हजार करोड़ से अधिक सब्सिडी में डाल रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सूबे में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के अपने वादे को जल्द से जल्द लागू करना चाह रही है, जबकि राज्य का बिजली विभाग खुद को यह कदम उठाने में सक्षम नहीं पा रहा। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने साफ कर दिया है कि गर्मी के इस मौसम में राज्य के पास पर्याप्त बिजली नहीं है और न ही बिजली उत्पादन के लिए निर्धारित मात्रा में कोयला उपलब्ध है फिर भी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को संकेत दिया कि वह 16 अप्रैल को मुफ्त बिजली संबंधी एलान करने जा रहे हैं।
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आप के इस वादे के तहत राज्य के 73.39 लाख उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जानी है। दरअसल, भीषण गर्मी के इस मौसम में राज्य में बिजली की मांग 8000 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। पीएसपीसीएल की चिंता यह है कि गेहूं की कटाई के बाद अगले ही महीने धान की बुवाई भी शुरू होनी है, तब बिजली की मांग बढ़कर 15000 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इसी बीच, पंजाब के बिजली संयंत्रों को अपेक्षित कोयले की सप्लाई भी नहीं हो पा रही। राज्य के थर्मल प्लांटों की चार इकाइयां बंद हो चुकी हैं। इस वजह से 1,400 मेगावाट बिजली का कम उत्पादन हो रहा है।
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जीवीके थर्मल प्लांट की दो इकाइयां बंद हैं, जबकि तलवंडी साबो पावर लिमिटेड की एक इकाई तकनीकी खराबी के कारण बंद है। रोपड़ थर्मल प्लांट की एक इकाई वार्षिक रखरखाव की वजह से बंद है। पीएसपीसीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार को मुफ्त बिजली की योजना को आगामी मानसून के महीनों में लागू करना चाहिए ताकि बिजली भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके।
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10668 करोड़ की सब्सिडी और 5000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
पंजाब पर इस समय तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। किसानों, आरक्षित वर्ग और बीपीएल परिवारों के लिए पहले से लागू 200 यूनिट मुफ्त बिजली के चलते राज्य सरकार हर साल 10 हजार करोड़ से अधिक सब्सिडी में डाल रही है। वर्ष 2021-22 के दौरान भी राज्य का कुल बिजली सब्सिडी बिल 10668 करोड़ रुपये का है। इसमें 7180 करोड़ रुपये किसानों की दी गई बिजली और 1627 करोड़ रुपये एससी, बीसी और बीपीएल परिवारों को दी गई बिजली के एवज में दिए गए हैं। हालांकि पूरे राज्य के 73.39 लाख उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का फैसला लागू होते ही सरकार पर लगभग 5000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ जाएगा, जिसकी भरपाई किसी संसाधन या टैक्स के जरिये होगी, अभी साफ नहीं है।