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Punjab: पंजाब में सस्ते घर का सपना होगा साकार, भगवंत मान सरकार लाई नई किफायती आवास योजना
Sat, 15 Oct 2022 05:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 15 Oct 2022 05:16 PM IST
सार
अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग पॉलिसी आवास और शहरी विकास विभाग द्वारा विकसित क्षेत्र में लागू होगी। इसके अलावा यह पॉलिसी नगर निगम के तीन किलोमीटर के एरिया में चारों तरफ लागू होगी, भले ही वह एरिया नगर निगम के अधीन न आता हो।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
आम लोगों के घर का सपना पूरा करने के लिए पंजाब सरकार एक नई किफायती आवास नीति ला रही है। इसमें प्लॉटेड कालोनी के लिए न्यूनतम क्षेत्र पांच एकड़ और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए दो एकड़ तय किया गया है। नई नीति में भूमि उपयोग में बदलाव, बाहरी विकास शुल्क और अन्य शुल्क को भी घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। निर्माण लागत कम करने के लिए पार्किंग नियमों में विशेष ढील दी गई है।
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पंजाब के आवास एवं शहरी मंत्री अमन अरोड़ा ने शनिवार को बताया कि नई आवास नीति का मसौदा जनता से सुझाव लेने के लिए पूडा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों को घर खरीदने की आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस कदम से आम लोगों को घर देना आसान होगा। हालांकि पॉलिसी को लागू करने से पहले विभाग ने इसको लेकर लोगों की राय जानने का फैसला लिया है। पंद्रह दिन में लोग इस संबंध में अपने सुझाव सरकार को देंगे, जिसके बाद विभाग द्वारा पॉलिसी को लागू कर दिया जाएगा। नई पॉलिसी न्यू चंडीगढ़ में लागू नहीं होगी। मास्टर प्लान के मुताबिक मोहाली में नई कॉलोनी के लिए 25 एकड़ का रकबा जरूरी है। नई पॉलिसी में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने को पहली प्राथमिकता रखी गई है। इसमें वाटर सप्लाई, सीवरेज नेटवर्क के प्रयोग संबंधी नजदीकी अथॉरिटी को प्रयोग करने की अनुमति रहेगी।
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बिल्डरों को भी मिलेगी राहत
नई पालिसी के तहत सरकार ने बिल्डर को भी राहत देने का प्रयास किया है। कालोनी में अधिकतम प्लॉट का आकार 150 वर्ग गज और फ्लैट का साइज 90 वर्ग मीटर होगा। बिल्डर पहले कालोनी में 55 प्रतिशत तक ही हिस्सा बेच सकते थे। बाकी हिस्से में डिस्पेंसरी, पार्क व अन्य सुविधाएं देनी होती थीं, लेकिन नई स्कीम में अब 65 फीसदी तक हिस्सा बेच सकेंगे। यह नीति प्रमोटरों को अपनी कॉलोनियों को परेशानी मुक्त तरीके से मंजूरी दिलाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और अनधिकृत कॉलोनियों के पनपने पर रोक लगेगी।
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21 दिन के अंदर मिलेगा लाइसेंस
नई नीति में बिल्डरों को 21 दिन के अंदर लाइसेंस मिलेगा। सीएलयू देने का काम पंजाब आवास एवं शहरी विभाग के मुख्य प्रशासक का होगा। सीएलयू को मंत्री के दायरे से बाहर निकाल दिया गया है। यदि सोसायटी नेशनल हाइवे के साथ है तो एनएचएआई से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा।