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पंजाबः कोरोना जांच करने के लिए अब मनमानी कीमत वसूल नहीं पाएंगे निजी अस्पताल और लैब
Tue, 18 Aug 2020 10:24 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Aug 2020 10:24 AM IST
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
कोविड-19 परीक्षण को लेकर अब पंजाब में निजी अस्पताल और लैब मनमानी कीमत नहीं वसूल पाएंगे। पंजाब राज्य के परिवार एवं कल्याण मंत्रालय ने आपदा रोग अधिनियम के तहत कोविड-19 परीक्षण की कीमत निर्धारित करने का निर्णय किया है। मंत्रालय की ओर से परीक्षण के लिए 1000 रुपये की कीमत तय की गई है। इसके साथ ही अन्य नियमों को भी जरूरी किया गया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रैपिड एंटीजन परीक्षण (आरएटी) के लिए तय की गई 1000 रुपये में जीएसटी सहित सभी करों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही निजी लैब और अस्पतालों को जो गाइडलाइन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई हैं उनका पालन करना होगा। निजी लैब संचालक होने वाले कोविड परीक्षण का डाटा भी राज्य सरकार के साथ साझा करेंगे।
इसके साथ ही नमूना लेने के समय लिए जाने वाले व्यक्ति की पहचान, पता और सत्यापित मोबाइल नंबर को आरटी-पीसीआर एप पर अपलोड करने के साथ ही परीक्षण के परिणामों को राज्य के स्टेट आईडीएसपी सेल में बताना होगा। संक्रमित व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने के निर्देश मंत्रालय की ओर से दिए गए हैं।
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मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि रैपिड एंटीजन परीक्षण (आरएटी) के लिए तय की गई 1000 रुपये में जीएसटी सहित सभी करों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही निजी लैब और अस्पतालों को जो गाइडलाइन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई हैं उनका पालन करना होगा। निजी लैब संचालक होने वाले कोविड परीक्षण का डाटा भी राज्य सरकार के साथ साझा करेंगे।
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इसके साथ ही नमूना लेने के समय लिए जाने वाले व्यक्ति की पहचान, पता और सत्यापित मोबाइल नंबर को आरटी-पीसीआर एप पर अपलोड करने के साथ ही परीक्षण के परिणामों को राज्य के स्टेट आईडीएसपी सेल में बताना होगा। संक्रमित व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने के निर्देश मंत्रालय की ओर से दिए गए हैं।
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