पंजाब सीएम चन्नी बोले: जब तक कानून रद्द नहीं होते तब तक चौकस रहें किसान, रची जा रही है नई साजिश
लुधियाना में पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी। सीएम ने कहा कि किसानों को लेकर नई साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक एमएसपी की गारंटी नहीं मिल जाती है तब तक तीन कृषि कानूनों को रद्द करने का एलान बेबुनियादी है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को लुधियाना में तीन कृषि कानूनों के विरुद्ध किसानों के संघर्ष को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक मोड़ करार दिया है। उन्होंने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) गारंटी मिलने तक कानूनों को रद्द करने के एलान को बेमाना बताया।
किसानों को सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक ये कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक चौकस रहें, क्योंकि किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए नई साजिशें रची जा रही हैं। पीएम मोदी के कृषि कानूनों को रद्द करने के एलान का स्वागत करने वाले नेताओं पर बरसते हुए चन्नी ने कहा कि यह कथित राष्ट्रीय नेता पंजाब के विरुद्ध रचे जा रहे मंसूबों में पूरी तरह से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने इन नेताओं को ऐसी खुशियां जाहिर करने के पीछे तर्क देने का सवाल करते हुए कहा कि इसमें खुशी वाली कौन सी बात है क्योंकि इस संघर्ष में पंजाब अपने 700 बेटियां और पुत्रों को गवां चुका है। इस फैसले के हक में प्रशंसा भरे शब्द गाने का सीधा मतलब केंद्र सरकार की तरफ से संघर्षशील किसानों पर किए गए अत्याचार का समर्थन करना है जो गैर-वाजिब है।
उन्होंने कहा कि यह कितनी शर्म की बात है कि स्वार्थ के खातिर कुछ नेता राज्य के हितों में खास कर किसानों के हित कुर्बान करने पर तुले हैं। जब तक फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक कृषि कानून रद्द कर देने का एलान भी बेबुनियाद है।
केंद्र सरकार को यह यकीनी बनाना चाहिए कि किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए, जिससे किसानों को निजी खरीदारों के हाथों से लूट से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन शहीद किसानों के नाम पर यादगार बनाएगी जिससे हमारी नौजवान पीढ़ियां उनके मिसाली संघर्ष से अवगत हो सकें। यह यादगार राज्य सरकार की तरफ से देश के अन्नदाताओं को विनम्र श्रद्धांजलि होगी।
किसानों के वारिसों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के वारिसों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे, जिनमें बलजिंदर सिंह पुत्र स्व. जंग सिंह, अमनदीप कौर पत्नी स्व. बलजिंदर सिंह, प्रभजोत कौर पुत्र स्व. मनमोहन सिंह, हरविंदर कौर पत्नी स्व. जगजीत सिंह और सतनाम सिंह पुत्र स्व. हाकम सिंह शामिल रहे।