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पंजाब और चंडीगढ़ की जेलों में एचआईवी पर कैदियों को किया जा रहा जागरूक
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Jul 2016 09:59 PM IST
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पंजाब और चंडीगढ़ की जेलों में एचआईवी से बचाव, इलाज और बचाव प्रोग्राम की शुरूआत की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के महानिदेशक नवरीत सिंह कंग ने कहा कि जेलों में बंद एचआईवी/एड्स ग्रस्त लोगों को आम लोगों की तरह एचआईवी का इलाज, जांच व संभाल की सुविधाएं देनी शुरू की गई हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर जेलों में इंटरवेंशन प्रोग्राम की शुरुआत फेज के आधार पर की जा रही है। फेज-1 में एचआईवी इंटरवेंशन इन प्रिजनर सेटिंग्स प्रोजेक्ट की शुरुआत इस साल फरवरी में आठ राज्यों में की गई थी। अब पंजाब व चंडीगढ़ की जेलों में इसे शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य पोस्ट रिलीव रेफरल और एचआईवी से संबंधित संभाल व इलाज पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य विभाग (स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटीज) की ओर से जेल विभाग, टीआई-सामाजिक संस्थाओं और अन्य पक्षों के साथ मिलकर मैकेनिज्म के आधार पर यह यकीनी बनाएंगे कि एचआईवी ग्रस्त जेल में रह रहे लोगों को पुख्ता सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि देश भर में 21 लाख एचआईवी पाजिटिव हैं, जिनमें 7 लाख लोग शिकार होने के बावजूद अपना एचआईवी स्टेटस नहीं जानते।
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पंजाब स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव विनी महाजन ने कहा कि राज्य की 8 जेलों में प्रोग्राम की शुरूआत की गई थी। इसे पंजाब की बाकी सभी जेलों में भी शुरू किया जाएगा। डाक्टरों का रोस्टर बनाकर जेलों में 6 माह की रोटेशनल ड्यूटी लगाई जा चुकी है। प्रमुख सचिव होम (जेल) पंजाब संजय कुमार ने कहा कि जेलों में आधे से भी ज्यादा लोग अंडर ट्रायल हैं। इनकी आम लोगों में वापस जाने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यह कदम उनके लिए मददगार होगा।
इस मौके पर पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हुसन लाल, एडिशनल डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस प्रिजनर्स एमके तिवारी, एडीजीपी (वेलफेयर) बीके उप्पल, चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. विनीता गुप्ता, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा. मनप्रीत छत्तवाल भी मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय स्तर पर जेलों में इंटरवेंशन प्रोग्राम की शुरुआत फेज के आधार पर की जा रही है। फेज-1 में एचआईवी इंटरवेंशन इन प्रिजनर सेटिंग्स प्रोजेक्ट की शुरुआत इस साल फरवरी में आठ राज्यों में की गई थी। अब पंजाब व चंडीगढ़ की जेलों में इसे शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य पोस्ट रिलीव रेफरल और एचआईवी से संबंधित संभाल व इलाज पहुंचाना है।
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उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य विभाग (स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटीज) की ओर से जेल विभाग, टीआई-सामाजिक संस्थाओं और अन्य पक्षों के साथ मिलकर मैकेनिज्म के आधार पर यह यकीनी बनाएंगे कि एचआईवी ग्रस्त जेल में रह रहे लोगों को पुख्ता सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि देश भर में 21 लाख एचआईवी पाजिटिव हैं, जिनमें 7 लाख लोग शिकार होने के बावजूद अपना एचआईवी स्टेटस नहीं जानते।
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पंजाब स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव विनी महाजन ने कहा कि राज्य की 8 जेलों में प्रोग्राम की शुरूआत की गई थी। इसे पंजाब की बाकी सभी जेलों में भी शुरू किया जाएगा। डाक्टरों का रोस्टर बनाकर जेलों में 6 माह की रोटेशनल ड्यूटी लगाई जा चुकी है। प्रमुख सचिव होम (जेल) पंजाब संजय कुमार ने कहा कि जेलों में आधे से भी ज्यादा लोग अंडर ट्रायल हैं। इनकी आम लोगों में वापस जाने की उम्मीद रहती है। ऐसे में यह कदम उनके लिए मददगार होगा।
इस मौके पर पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हुसन लाल, एडिशनल डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस प्रिजनर्स एमके तिवारी, एडीजीपी (वेलफेयर) बीके उप्पल, चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. विनीता गुप्ता, पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा. मनप्रीत छत्तवाल भी मौजूद रहे।