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पंजाब में एक सरकार ने बिना स्नातक किए बनाया था पीसीएस, अब दूसरी सरकार ने किया रिवर्ट

Fri, 25 Dec 2020 11:15 AM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 25 Dec 2020 11:15 AM IST
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Punjab : Captain Government has issued orders to revert PCS officer
पंजाब सरकार - फोटो : फाइल फोटो

पंजाब में पूर्व अकाली-भाजपा सरकार की मेहरबानी से बिना स्नातक किए पीसीएस अफसर बने रमन कोछड़ को मौजूदा कैप्टन सरकार ने रिवर्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पीसीएस रमन कोछड़ अब पंजाब सचिवालय में दिव्यांग प्रकोष्ठ के अधीक्षक का कार्यभार संभालेंगे। उनके साथ-साथ पांच अन्य अधीक्षकों के तबादले व तैनाती आदेश भी सरकार ने जारी किए है। इसी सूची में रमन कुमार कोछड़ का भी नाम शामिल है।

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कोछड़ पर आरोप है कि उनके पास पीसीएस अधिकारी नियुक्त होने के लिए आवश्यक योग्यता के रूप में स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री नहीं है। इसके बावजूद अकाली-भाजपा सरकार ने कोछड़ को पीसीएस अधिकारी नियुक्त कर दिया था। अकाली-भाजपा सरकार के दौरान कोछड़ को खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग में सीनियर सहायक लगाया गया था।
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इस मामले में एक अन्य अधिकारी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जब सरकार के आदेश पर जांच शुरू हुई, तो कोछड़ ने एमए पंजाबी, एमए इतिहास और एमबीए की पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रियां तो पेश कर दी, लेकिन किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किए जाने संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद क्रमिक विभाग ने कोछड़ को पीसीएस अधिकारी लगाए जाने पर सवालिया निशान लगा दिया। 
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पूर्व मंत्री के निजी स्टाफ में शामिल थे कोछड़
पूर्व अकाली-भाजपा सरकार में एक मंत्री के निजी स्टाफ में शामिल रहे रमन कोछड़ को बिना आवश्यक योग्यता के भी पीसीएस अधिकारी नियुक्त होने में कोई कठिनाई नहीं हुई, बल्कि उनकी नियुक्ति को सतही बनाने के लिए अकाली-भाजपा सरकार के समय उनके ट्रेनिंग पीरियड में भी कटौती कर दी गई। यह खुलासा एक महिला अधिकारी द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में रमन कुमार कोछड़ गुरदासपुर में असिस्टेंट कमिश्नर (जनरल) के पद पर तैनात थे। 

आरटीआई के तहत सूचना में पता चला कि कोछड़ ने 1988 में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से दसवीं की और उसके बाद 2005 में सीधे अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से इतिहास विषय में एमए द्वितीय श्रेणी में पास कर ली। 2007-08 में उन्होंने जालंधर की पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से एमबीए (मार्केटिंग) और 2011 में पीयू से एमए पंजाबी पास कर ली। 2014 में उन्होंने पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (पीपीएससी) में पीसीएस (कार्यकारी ब्रांच) रजिस्टर ए-2 में रजिस्ट्रेशन कराया। खास बात यह है कि पीपीएससी के फार्म में उन्होंने शैक्षणिक जानकारी देते हुए क्लास- ग्रेजुएशन, डिग्री का नाम- एमए इतिहास दर्ज किया। यानी, बीए के कॉलम में एमए की डिग्री। 

ऐसे हुआ बचाव और ऐसे चली जांच
पीपीएससी द्वारा रमन कोछड़ के आवेदन पर यह कहते हुए आपत्ति उठाई गई कि पीसीएस (ईबी) 2011 के अनुसार आवेदक की पात्रता ग्रेजुएशन होना जरूरी है जबकि रमन कोछड़ ग्रेजुएशन का कोई सबूत नहीं दे सके हैं। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग के तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी संजय कुमार ने पीपीएससी को 30 मई 2014 को पत्र लिखकर दावा किया कि रमन कोछड़ के पास मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से पास की गई ग्रेजुएशन की डिग्री है और उनका आवेदन सामान्य प्रशासन विभाग के रिकार्ड के अनुसार पूरी तरह सही है। 


सरकार के क्रमिक  विभाग की पीसीएस शाखा ने इस मामले में 18 अगस्त 2016 को यूजीसी से रमन कोछड़ की डिग्री के बारे में सुझाव मांगे तो यूजीसी ने रमन कोछड़ द्वारा बिना ग्रेजुएशन के एमए की डिग्री हासिल करने को पूरी तरह अवैध करार देते हुए कहा कि कोई भी विद्यार्थी तीन वर्षीय ग्रेजुएशन पूरी किए बिना मास्टर डिग्री हासिल करने का पात्र नहीं हो सकता। 

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