कैबिनेट के फैसले: पंजाब में रद्द तीन लाख राशन कार्ड होंगे बहाल, 10.77 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाने को मंजूरी दी गई। योगशाला में कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दी गई। दुर्घटनाओं के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए फरिश्ते योजना को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा पीपीएससी के अध्यक्ष के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जितिंदर सिंह औलख के नाम को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है।
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पंजाब में रद्द किए गए तीन लाख राशन कार्ड बहाल करने का फैसला लिया गया है। इससे 10.77 लाख लाभार्थियों को राशन कार्ड के तहत मिलने वाला लाभ फिर से प्राप्त हो सकेगा। इसके साथ राशन की घर-घर डिलीवरी की योजना भी जल्द लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही कैबिनेट ने शिक्षकों की तबादला नीति को भी मंजूरी दी, जिसके तहत अब शिक्षकों को अपना ट्रांसफर कराने के लिए नया शैक्षिक सत्र शुरू होने तक इंतजार नहीं करना होगा।
पंजाब सिविल सचिवालय में बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मान ने मीडिया को बताया कि राशन कार्डों की जांच की प्रक्रिया के दौरान तीन लाख राशन कार्ड रद्द किए गए थे, जिससे 10.77 लाख राशन कार्ड लाभार्थी इसके लाभ से वंचित हो गए थे। उन्होंने कहा कि बड़े लोकहित को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने यह कार्ड बहाल करने का फैसला लिया है। इस फैसले से सभी लाभार्थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बांटे जा रहे राशन का लाभ और राज्य सरकार की ओर से शुरू की जा रही घर-घर राशन पहुंचाने की स्कीम का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध में राज्य के शहीद सैनिकों की विधवाओं और 65 साल से अधिक उम्र के पूर्व सैनिकों, जिन्हें बिना किसी पेंशन लाभ के घर भेज दिया गया था, को राज्य सरकार की ओर से दी जा रही 6000 रुपये पेंशन राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान परिवहन विभाग के विंग स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर, डायरेक्टर स्टेट ट्रांसपोर्ट और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की साल 2018-19 से साल 2021-22 की प्रशासकीय रिपोर्टों को भी मंजूरी दे दी गई।
अध्यापकों के लिए नई तबादला नीति
कैबिनेट ने अध्यापकों के लिए नई और पारदर्शी तबादला नीति को हरी झंडी दे दी है। इस नीति के तहत तबादला प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया गया है। इस नीति के अंतर्गत जिन अध्यापकों के पारिवारिक सदस्य किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, वह अध्यापक अपने परिवार की देखभाल के लिए पूरे साल के दौरान कभी भी तबादले के लिए आवेदन कर सकते हैं और उनका तबादला मंजूर करते समय नया शैक्षिक सत्र शुरु होने का इंतजार नहीं किया जाएगा।
औलख को पीपीएससी का चेयरमैन बनाने की सिफारिश
कैबिनेट ने एक अन्य फैसले में पूर्व आईपीएस अधिकारी जतिंदर सिंह औलख को पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) का चेयरमैन नियुक्त करने के लिए राज्यपाल से सिफारिश की मंजूरी दे दी है।
15 और जिलों में शुरू होगी 'सीएम दी योगशाला'
कैबिनेट ने 'सीएम दी योगशाला' मुहिम को 15 और जिलों में शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। यह 15 जिलों में बरनाला, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, कपूरथला, मानसा, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पठानकोट, रूपनगर, शहीद भगत सिंह नगर, तरनतारन और मलेरकोटला। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के इस प्रयास को पहले चरण में 9 जिलों में लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
विश्व युद्ध के शहीद सैनिकों/विधवाओं की पेंशन बढ़ाई
कैबिनेट ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध में हिस्सा लेने वाले पंजाब के 65 साल से अधिक उम्र वाले पूर्व सैनिकों/ शहीद सैनिकों की विधवाएं, जिन्हें बिना किसी पेंशन लाभ के घर भेज दिया गया था। उनकी वित्तीय मदद को मौजूदा 6000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 10000 रुपये प्रति महीना करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। इस समय पर राज्य सरकार की नीति के अंतर्गत 453 लाभार्थी यह पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। कैबिनेट का ताजा फैसला 26 जुलाई, 2023 से लागू होगा।
आर्किटेक्ट ही पास करेंगे 500 वर्ग गज तक भवनों के नक्शे
कैबिनेट ने म्युनिसिपल सीमा के भीतर 500 वर्ग गज तक के रिहायशी भवनों के नक्शे स्व-तस्दीक करने की अनुमति देने के लिए ‘पंजाब म्युंसिपल बिल्डिंग बायलॉज- 2018’ की धारा 3.14.1 में संशोधन की मंजूरी दे दी है। स्व-तस्दीक का अर्थ है कि नक्शों को किसी भी अधिकारी/ कर्मचारी द्वारा भेजने की बजाय सीधे तौर पर आर्किटेक्ट द्वारा ही मंजूरी दी जाएगी। इसमें मालिक और आर्किटेक्ट द्वारा दिए जाने वाले स्व-घोषणा पत्र में कुछ शर्तें जोड़ी गई हैं। उल्लेखनीय है कि रिहायशी नक्शों में से 500 वर्ग तक के नक्शे तकरीबन 90 प्रतिशत होते हैं और इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और अनावश्यक देरी से छुटकारा मिलेगा।
गन्ने के अधिक भाव को मंजूरी
कैबिनेट ने गन्ने की अगेती और मध्यम पछेती किस्मों के लिए तय किए भाव, क्रमशः प्रति क्विंटल 391 रुपये और 381 रुपये के तहत अदायगी की मंजूरी दे दी है। इस तरह पिराई सीजन 2023-24 के दौरान अगेती व मध्यम पछेती किस्मों के लिए तय किए 391 रुपये और 381 रुपये प्रति क्विंटल में से 55.50 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी राज्य सरकार की ओर से सीधे किसानों के खातों में अदा की जाएगी।
फरिश्ते स्कीम लागू करने की मंजूरी
सड़क हादसों के दौरान कीमती जानें बचाने और घायलों को समय पर इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की जाने वाली फरिश्ते स्कीम को कैबिनेट ने बुधवार को हरी झंडी दे दी। इस स्कीम के तहत सूचीबद्ध किए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में हादसाग्रस्त पीड़ितों को तुरंत मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा। सड़क हादसे के पीड़ितों की मदद के लिए आम लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी बनाने के लिए राज्य सरकार ने सहायता करने वाले को 2000 रुपये की इनाम राशि देने की व्यवस्था भी की है।
पीआईटी की इमारत में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’
कैबिनेट ने फाजिल्का के गांव अरनीवाला शेख सुभान स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पीआईटी) की इमारत में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। यह स्कूल सरकारी सीनियर सेकंडरी में प्रस्तावित किया गया था लेकिन जगह की कमी के कारण यह स्कूल पीआईटी में स्थापित करने का फैसला लिया गया है।
मंडियों में खत्म किए जाएंगे झाड़-फूस के ठेके
एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने राज्य की मंडियों में साल 2023-24 से झाड़-फूस के ठेके खत्म करने का फैसला किया है। पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा झाड़-फूस उठाने के लिए बीते करीब 25 साल से झाड़-फूस के ठेके दिए जाते हैं लेकिन अब गरीब कबीलों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए यह ठेका खत्म करने का फैसला लिया है।