पंजाब बजट: अकाली दल ने वित्त मंत्री को घर में बंधक बनाया, घंटों चला हाईवोल्टोज ड्रामा
पंजाब विधानसभा के इतिहास में शुक्रवार को पहली बार ऐसी घटना हुई कि वित्त मंत्री निर्धारित समय पर बजट भाषण पेश करने के लिए सदन में नहीं पहुंच सके। सदन के सभी सदस्य शुक्रवार को उस समय सकते में आ गए जब प्रश्नकाल के बीच ही संसदीय कार्य मामलों के मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने स्पीकर को बताया कि अकाली दल के सदस्यों ने वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का आवास घेर रखा है और वित्त मंत्री को बाहर नहीं आने दिया जा रहा।
इसी कारण से वित्त मंत्री विधानसभा नहीं पहुंच पा रहे। उन्होंने यह भी बताया कि अकाली दल के नेताओं के साथ वित्त मंत्री के आवास के बाहर कुछ अन्य लोग भी मौजूद हैं, जिन्हें अकाली दल के नेता अपने साथ लेकर वहां पहुंचे हैं। ब्रह्म मोहिंदरा ने स्पीकर से आग्रह किया कि वे इस मामले में यूटी प्रशासन से बात करें क्योंकि वित्त मंत्री के आवास पर यूटी पुलिस ज्यादा प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही।
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सदन में लाने की अनुमति
इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले में अकाली दल के सदस्यों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव सदन में लाने की अनुमति भी मांगी, जो स्पीकर ने उन्हें दे दी। वित्त मंत्री के इस समय तक सदन में नहीं पहुंच पाने के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी और संभवत: इस दौरान उन्होंने यूटी प्रशासन से कार्रवाई के लिए कहा।
सदन स्थगित होने के कुछ देर बाद ही वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल विधानसभा पहुंच गए। सदन की कार्यवाही 11.16 बजे दोबारा शुरू होने पर ब्रह्म मोहिंदरा ने अकाली सदस्यों, जोकि सदन में मौजूद नहीं थे, के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन में मौजूद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके बाद वित्त मंत्री ने 11.29 बजे बजट भाषण शुरू किया, जो 1.11 बजे समाप्त हुए। स्पीकर ने इसके साथ ही सदन की कार्यवाही को सोमवार दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
पुलिस ने हिरासत में लिए अकाली विधायक, चेतावनी देकर छोड़े
मामले की सूचना मिलते ही मौके पर डीएसपी सेंट्रल व सेक्टर-3 थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया को समर्थकों के साथ वित्त मंत्री के आधिकारिक आवास में प्रवेश करने की कोशिश को नाकाम किया और सभी को हिरासत में लेकर सेक्टर-3 थाना ले गई।
हिरासत में लिये गये विधायकों में बिक्रम सिंह मजीठिया, गुरपताप सिंह वडाला, डॉ. सुखविंदर कुमार, बलदेव सिंह खेड़ा, पवन कुमार टीनू, कंवरजीत सिंह, शरणजीत सिंह ढिल्लों, हरिंदर पाल सिंह, एनके शर्मा, मनप्रीत सिंह अयाली, दिलराज सिंह जुंडर, दिनेश सिंह आदि शामिल थे। उनके खिलाफ डीडीआर दर्ज करने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।