Punjab election 2022: लोकां दे दिलां विच वसदा गबरू कित्थो कित्थो डिलिट होउ
भगवंत मान कहते हैं कि रोजाना 10 के करीब विधानसभा हलके कवर कर रहा हूं, आज भी रात तक बठिंडा देहाती व शहरी को कवर करके ही सांस लेनी है। पंजाब परिवर्तन का इंतजार कर रहा है, एक तेज आंधी चल रही है।
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सुबह के दस बज चुके थे, मोगा के मुख्य पुल के नीचे ट्रैक्टरों पर युवा आप के और केजरीवाल के झंडे लगाकर आ रहे थे। एकदम से पता चलता है कि भगवंत मान यहां रोड शो को झंडी दिखाने के लिए आने वाले हैं। वह जीरा में पहले रोड शो के बाद मोगा के लिए निकल चुके हैं। करीब 11 बजे गए, भीड़ बढ़ती जा रही थी, दूर-दूर तक कतार लग चुकी थी। इसी बीच मोगा से आप की प्रत्याशी डॉ. अमनदीप कौर पहुंचती हैं, लोग नोट के हारों और फूलों की वर्षा करने लगते हैं। पुल के ऊपर भारी संख्या में लोग जमा हो जाते हैं। कुछ देर में भगवंत मान एक खुली गाड़ी में पहुंचते हैं, उनके पीछे लंबा चौड़ा कारों का काफिला है।
उनकी इंट्री के साथ ही गाना बजने लगता है कि लोकां दे दिलां विच वसदा है गबरू, कित्थो कित्थो डिलिट होयू, तेरे यार नूं दबन नूं फिरदे सी पर दबदा कित्थे आ...भगवंत मान जैसे ही चौराहे पर पहुंचते हैं तो दूर दूर तक हजूम लग जाता है, वह माइक पकड़ते ही बोलते हैं इंकलाब जिंदाबाद....गाना बजने लगता है कि असी जित्तांगे जरूर जारी जंग रखियो...। फिर भगवंत मान स्पीकर बंद करवाते हैं और माइक पकड़कर कहते हैं कि 20 तारीख को झाड़ू का बटन दबाना है.. पुराने सियासतदान सानूं कूटदे वी आ रहे ने, ते लूटदे वी आ रहे ने...झाडू का बटन पहले नंबर पर है और आना भी पहने नंबर पर है।
कांग्रेसी और अकाली लीडरों से हाथ मिलाकर अंगुली गिनती पड़ती हैं पूरी भी है कि नहीं... इसके साथ ही नारेबाजी शुरू हो जाती है। पिछले 70 साल की भड़ास निकालने के लिए आपको 25 सेकेंड दिए जाते हैं.. इसके साथ ही युवाओं का शोर शराबा शुरू हो जाता है। डॉ. अमनदीप कौर कहती हैं कि अगर शरीर से जहर निकालना जानती है तो समाज से भी निकालना जानती है।
भगवंत मान का लंबा चौड़ा काफिला चार से पांच मिनट ही मोगा चौराहे पर रुकता है, इसके बाद बाघापुराना मेन चौक की तरफ निकल पड़ता है। मोगा में हर चौराहे पर मान के समर्थन में लोग झंडे लहराते दिखते हैं, उनको देखकर उनके चेहरे पर लगातार मुस्कान जा रहती है। बाघापुराना से कुछ पहले ही मृतपाल सिंह प्रत्याशी सुखानंद का काफिला भी जुड़ जाता है, यहां करीब 500 वाहनों का लंबा काफिला बन जाता है, जो भगवंत मान जिंदाबाद करता हुए निहाल सिंह वाला की ओर निकल पड़ता है।
भगवंत मान को जहां भी रास्ते में आप के वर्कर ट्रैक्टरों व मोटरसाइकिलों पर दिखाई देते हैं तो वह उनको हाथ हिलाकर इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाते हैं। निहाल सिंह वाला में पहुंचते पूरा इलाका जाम हो जाता है। मुख्य चौराहे पर पहुंचने के बाद वहां पर भगवंत मान गाड़ी में खड़े होकर कहते हैं कि पंजाब को बदलना है, तैयार हो जाओ... इसके साथ ही भगवंत मान तेरी सोच ते पहरा दियांगे ठोक के, नारे लगने शुरू हो जाते हैं... भगवंत मान कहते हैं कि यहां तो हड़ (बाढ़) ही आ गयी है।
युवाओं का जनलैसाब देखकर कहते हैं कि बस पंजाब बदलने वाला है। वहां पर एक पर्स किसी को जमीन पर मिलता है, भगवंत मान माइक पकड़कर पर्स में पड़े ड्राइविंग लाइसेंस से नाम बोलकर पर्स मालिक को लौटाते हैं, साथ ही कहते हैं कि जे दूजियां पार्टी दे लोग हुंदे तो पर्स ता लूट जाना सी, उलटा घर से भी निकाल ले जाने थे। इसके बाद काफिला चन्नी के विधानसभा हलका भदौड़ की तरफ निकल पड़ता है। मान कहते हैं कि रोजाना 10 के करीब विधानसभा हलके कवर कर रहा हूं, आज भी रात तक बठिंडा देहाती व शहरी को कवर करके ही सांस लेनी है। पंजाब परिवर्तन का इंतजार कर रहा है, एक तेज आंधी चल रही है।
पंजाब को 70 निचोड़ा गया है और पंजाब में लोग रिवायती पार्टियों से परेशान हो चुके हैं। मान कहते हैं कि जहां जहां पर भीड़ देखता हूं, मेरा उत्साह बढ़ जाता है। शरीर ऊर्जावान हो जाता है। लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं, उनकी आशा की किरण दिख रही है। काफिला 100 की स्पीड पर तेज चलने लगता है और हर चौराहे पर उनका इंतजार आप के वॉलंटियर कर रहे होते हैं, जिनको देखकर मान के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।