पंजाब के 'आम' माननीय: किसी ने दोस्तों से पेट्रोल उधार मांग किया प्रचार तो कोई चला रहा मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान, अब बनाएंगे विकास का रोडमैप
पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार विभिन्न दलों के 1304 प्रत्याशी चुनावी मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ लड़े थे। अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर प्रत्याशी गुना-भाग लगा रहा था।
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जहां एक ओर बाहुबल, धनबल और रसूख का चुनाव जीतने में प्रत्याशियों द्वारा प्रयोग किया जाता है, वहीं इस बार पंजाब के 37 माननीय राजनीति के लिए नजीर बनने जा रहे हैं। ये वो माननीय हैं जो आम चेहरे के रूप में अभी तक अपना जीवन यापन कर रहे थे और अब चुनाव जीतने के बाद खास बन गए हैं। अब राज्य की विधानसभा में बैठकर पंजाब के लोगों के लिए विकास का रोडमैप तैयार करने का काम करेंगे।
पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार विभिन्न दलों के 1304 प्रत्याशी चुनावी मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ लड़े थे। अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर प्रत्याशी गुना-भाग लगा रहा था। इनमें से 37 ऐसे चेहरे भी थे जो सियासत के क्षेत्र में बेहद आम थे। उन्होंने प्रचार के दौरान अपनी सादगी और सीमित संसाधनों के साथ पंजाबियत के लिए वोट मांगे। जनता भी उनके इस आचरण से प्रभावित हुई और चुनाव में जीत का सेहरा बांधकर विधानसभा भेज दिया। इन आम चेहरों में 90 प्रतिशत चेहरे आम आदमी पार्टी की टिकट से चुनाव मैदान में थे। ये आम चेहरे पंजाब में अपने-अपने क्षेत्र में किसी न किसी तरीके से किए जा रहे कार्यों के जरिये समाज सेवा कर रहे थे।
13 चिकित्सक पहुंचे विधानसभा
पंजाब विधानसभा चुनाव में 13 चिकित्सक भी जीतकर विधानसभा में बैठेंगे। इसमें आप के सबसे अधिक 10 विधायक शामिल हैं। चुनाव जीतने वाले चिकित्सकों में एमबीबीएस से लेकर दंत चिकित्सक और अन्य चिकित्सकीय क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं।
चेतन सिंह: दोस्तों की गाड़ी से किया प्रचार
समाना सीट से आम आदमी पार्टी की टिकट से विधायक बने चेतन सिंह की कहानी काफी आम है। जब वह तीन वर्ष के थे तो पिता की मौत हो गई, जिसके बाद मां ने संभाला। कुछ साल विदेश में काम करने के बाद घर लौटे। अब स्वरोजगार कर परिवार की मदद कर रहे हैं। इस चुनाव में उनके द्वारा प्रचार दोस्तों की गाड़ी से किया। तेल डलवाने के पैसे भी दोस्तों और रिश्तेदारों द्वारा दिए गए।
लाभ सिंह उगोके: मान के रहे पोलिंग एजेंट
12वीं तक पढ़े लाभ सिंह उगोके भदौड़ से आप के प्रत्याशी थे। इस चुनाव में वह कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे चरणजीत सिंह चन्नी को शिकस्त देकर खूब चर्चा में हैं। हालांकि इससे पहले वह बेहद आम जीवन जी रहे थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भगवंत मान के पोलिंग एजेंट का कार्य भी किया। इससे पहले वह 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मान के पोलिंग एजेंट रह चुके हैं। पेशे से वह मोबाइल रिपेयरिंग का काम करते हैं।
जीवनजोत कौर: मजीठा से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
गैर-राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली जीवनजोत कौर का राजनीतिक सफर 2015 में शुरू हुआ। समाजसेवा के दौरान वह आप से जुड़ीं। इसके बाद पार्टी ने 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मजीठा विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त। इसके बाद वह अमृतसर जिला अध्यक्ष बनीं। इस चुनाव में उन्होंने पंजाब की सबसे हॉट सीट में शुमार अमृतसर पूर्वी से कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और बिक्रम सिंह मजीठिया को हराकर जीत हासिल की। इससे पहले वह पैड वुमन के नाम भी जानी जाती रही हैं।
नरिंदर कौर: स्कूटी से किया चुनाव प्रचार
पेशे से अधिवक्ता नरिंदर कौर इस चुनाव में अपने अनोखे चुनाव प्रचार से चर्चा में आईं। प्रचार के साथ ही उन पर घर की भी जिम्मेदारी थी, जिसको उन्होंने बखूबी निभाया। घर के जरूरी कामों को निपटाकर उन्होंने खूब प्रचार किया। घर-घर पहुंचीं और कांग्रेस के शिक्षामंत्री विजय इंदर सिंगला को संगरूर में हरा दिया। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने आप के समर्थन में अकालियों के विरोध के बाद भी पार्टी का प्रचार किया था। इसके बाद अब 2022 में उन्हें आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रत्याशी बनाया।