फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab and haryana highcourt on PU Elections 2017

पीयू में उड़ाई जा रही लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की धज्जियां

Tue, 05 Sep 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 05 Sep 2017 09:16 AM IST
विज्ञापन
Punjab and haryana highcourt on PU Elections 2017
PU Elections 2017
पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ में मौजूद कॉलेजों में चुनाव के दौरान लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की धज्जियां उड़ाए जाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू से जवाब तलब किया है। यूटी और पीयू के हलफनामों पर असंतुष्टि जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि वह वर्तमान की व्यवस्था से बिल्कुल खुश नहीं है। अगली सुनवाई के दौरान दोनों हलफनामों को लेकर बहस होगी।
विज्ञापन


मामला पंजाब यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में चुनाव के चलते शहर की दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने से जुड़ा हुआ है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इस तरह शहर की सूरत बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई केआदेश दिए थे। इन आदेशों का पालन न होने पर अब फिर से हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए अवमानना के तहत सुनवाई आरंभ की है।
विज्ञापन


पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन और पीयू से अभी तक शहर की सूरत बिगाड़ने वालों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। इसके साथ ही यह भी पूछा था कि आखिर इसको रोकने की जिम्मेदारी किसकी है। सोमवार को यूटी प्रशासन की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुवीर सहगल ने प्रशासन का हलफनामा दाखिल किया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि डिफेसमेंट रोकने के लिए यूटी प्रशासन ने टास्कफोर्स या एनफोर्समेंट टीम बनाई है, जो एसडीएम की अगुवाई में काम करेगी। इसमें एस्टेट ऑफिस से लेकर अन्य विभाग उनका सहयोग करेंगे। पूरे शहर को 3 डिवीजन में बांटा गया है और सख्ती से डिफेसमेंट पर रोक लगाई जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

Punjab and haryana highcourt on PU Elections 2017
Pu Elections 2017
वहीं, दूसरी ओर पीयू के हलफनामे में बताया गया कि उन्होंने छात्र नेताओं केसाथ बैठक की है। बैठक के माध्यम से सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि दीवारों पर पोस्टर न लगाए जाएं। हाईकोर्ट ने दोनों के हलफनामों को खानापूर्ति करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट इनसे बिल्कुल संतुष्ट नहीं है।

इसी बीच जब लिंगदोह कमेटी का मुद्दा उठा तो हाईकोर्ट ने पूछा कि आखिर जब सिफारिशों में यह स्पष्ट है कि प्रिंट किए पोस्टर आदि के माध्यम से प्रचार नहीं किया जा सकता है तो आखिर कैसे दीवारें व अन्य स्थान ऐसी सामग्री से भरे हुए हैं। इस पर पंजाब यूनिवर्सिटी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई और मौन रही। इस पर सख्त रवैया अपनाते हुए हाईकोर्ट ने पीयू को अगली सुनवाई पर ठोस जवाब के साथ मौजूद रहने के आदेश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed