{"_id":"59f8bdd64f1c1b7a548ba232","slug":"punjab-and-haryana-highcourt-on-dadumajra-dumping-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"गारबेज डंपिंग साइट के नजदीक तो नहीं पल रहा डेंगू, मलेरिया: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गारबेज डंपिंग साइट के नजदीक तो नहीं पल रहा डेंगू, मलेरिया: हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 01 Nov 2017 09:05 AM IST
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
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गारबेज डंपिंग साइट के नजदीक रहने वाले लोगों की सेहत पर पड़ रहे बुरे प्रभाव की दलील देते हुए इसे डड्डू माजरा से कहीं और शिफ्ट करने की अपील वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ एमसी की कार्यशैली को घेरे में लाकर खड़ा कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं, कहीं डंपिंग ग्राउंड में तो डेंगू मलेरिया का लारवा नहीं पल रहे हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट फोटो सहित दाखिल करने केआदेश दिए हैं। मामले में हाईकोर्ट के सामने आया था कि वर्तमान में जिस स्थान पर गारबेज डंपिंग साइट है, वहां पर आसपास के लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस सब के बारे में प्रशासन से लेकर सभी वाकिफ हैं लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों ने इस डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने के कई प्रयास किए, पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि इस ग्राउंड की गंदगी के कारण आसपास के लोगों का रहना मुहाल हो गया है। यहां से बदबू उठती है जिससे लोग इसके नजदीक आने से भी कतराते हैं। इस ग्राउंड से आने वाली बदबू को रोकने के लिए कोई उपाय भी नहीं किया गया है। इस डंपिंग साइट के कारण लोगों के बीमार होने की घटनाएं बढ़ रही हैं और बच्चों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
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हाईकोर्ट ने इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान चीफ आर्किटेक्ट को निर्देश दिए थे कि वे इस डंपिंग साइट को शिफ्ट करने के लिए कोई दूसरा स्थान ढूंढे। कोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाते हुए कहा था कि इतने गंभीर विषय पर निर्णय लेने में इतनी देरी सही नहीं है। सभी विभागों के अधिकारियों से बैठक कर तालमेल बनाया जाए और नई साइट को चुनकर इसे सबकी सहमति से मंजूर कर कोर्ट को नई साइट के बारे में सूचित करें। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
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कोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं, कहीं डंपिंग ग्राउंड में तो डेंगू मलेरिया का लारवा नहीं पल रहे हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट फोटो सहित दाखिल करने केआदेश दिए हैं। मामले में हाईकोर्ट के सामने आया था कि वर्तमान में जिस स्थान पर गारबेज डंपिंग साइट है, वहां पर आसपास के लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इस सब के बारे में प्रशासन से लेकर सभी वाकिफ हैं लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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स्थानीय निवासियों ने इस डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने के कई प्रयास किए, पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि इस ग्राउंड की गंदगी के कारण आसपास के लोगों का रहना मुहाल हो गया है। यहां से बदबू उठती है जिससे लोग इसके नजदीक आने से भी कतराते हैं। इस ग्राउंड से आने वाली बदबू को रोकने के लिए कोई उपाय भी नहीं किया गया है। इस डंपिंग साइट के कारण लोगों के बीमार होने की घटनाएं बढ़ रही हैं और बच्चों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
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हाईकोर्ट ने इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान चीफ आर्किटेक्ट को निर्देश दिए थे कि वे इस डंपिंग साइट को शिफ्ट करने के लिए कोई दूसरा स्थान ढूंढे। कोर्ट ने कड़ा रवैया अपनाते हुए कहा था कि इतने गंभीर विषय पर निर्णय लेने में इतनी देरी सही नहीं है। सभी विभागों के अधिकारियों से बैठक कर तालमेल बनाया जाए और नई साइट को चुनकर इसे सबकी सहमति से मंजूर कर कोर्ट को नई साइट के बारे में सूचित करें। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।