{"_id":"5a0b1a404f1c1bc8678bb4d7","slug":"punjab-and-haryana-highcourt-farmers-protest-punjab-government","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट की पंजाब को हिदायत, प्रदर्शन से आम आदमी को परेशानी नहीं होनी चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट की पंजाब को हिदायत, प्रदर्शन से आम आदमी को परेशानी नहीं होनी चाहिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:11 AM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए कि किसान संगठनों द्वारा बुधवार को फगवाड़ा के चहेरु पुल से शुरू होने वाले विरोध प्रदर्शन के कारण लोगों को कोई परेशानी न हो। कोर्ट ने किसान संगठनों को भी आदेश दिए कि प्रदर्शन के दौरान कानून का पालन किया जाए और बिना डीसी की इजाजत के किसी स्थान पर कोई विरोध प्रदर्शन न हो। यदि ऐसा हुआ तो इसे सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
प्रदर्शन से हाईवे पर ट्रैफिक बाधित होने और आम लोगों को होने वाली परेशानी के अंदेशे के चलते हाईकोर्ट में यह जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसान संगठन मंगलवार शाम तक विरोध प्रदर्शन की जगह निर्धारित करें और नेशनल हाईवे को बाधित न करें। हाईकोर्ट ने कपूरथला और जालंधर में दो दिन के लिए इंटरनेट सेवा को बंद करने की मांग पर भी पंजाब सरकार को विचार करने के आदेश दिए हैं।
अराइव सेफ सोसायटी के माध्यम से यह याचिका दाखिल की गई थी जिस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित पंजाब सरकार, डीजीपी, जालंधर के डिविजनल कमिश्नर, कपूरथला के डीएम और एसएसपी को बुधवार के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन (कादियां ग्रुप), जम्हूरी किसान सभा, माझा किसान संघर्ष कमेटी, दोआबा संघर्ष कमेटी और किसान संघर्ष कमेटी को भी नोटिस जारी कर बुधवार को मामले में जवाब दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन से हाईवे पर ट्रैफिक बाधित होने और आम लोगों को होने वाली परेशानी के अंदेशे के चलते हाईकोर्ट में यह जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसान संगठन मंगलवार शाम तक विरोध प्रदर्शन की जगह निर्धारित करें और नेशनल हाईवे को बाधित न करें। हाईकोर्ट ने कपूरथला और जालंधर में दो दिन के लिए इंटरनेट सेवा को बंद करने की मांग पर भी पंजाब सरकार को विचार करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
अराइव सेफ सोसायटी के माध्यम से यह याचिका दाखिल की गई थी जिस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित पंजाब सरकार, डीजीपी, जालंधर के डिविजनल कमिश्नर, कपूरथला के डीएम और एसएसपी को बुधवार के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन (कादियां ग्रुप), जम्हूरी किसान सभा, माझा किसान संघर्ष कमेटी, दोआबा संघर्ष कमेटी और किसान संघर्ष कमेटी को भी नोटिस जारी कर बुधवार को मामले में जवाब दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।
विज्ञापन
यह कहा गया याचिका में
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
यह कहा गया याचिका में
याचिका में कहा गया कि याची को पता चला है कि बुधवार 15 नवंबर से पांच किसान संगठन सरकार के विरोध में फगवाड़ा के नेशनल हाईवे नंबर-1 पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन में लगभग पांच हजार के करीब किसान शामिल होने की संभावना है।
इस दौरान नेशनल हाईवे को बंद किया जाएगा और हो सकता है कि इस हाईवे से दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस को भी रोका जाए। यह बेहद ही व्यस्त हाईवे है अगर किसान इस हाईवे पर प्रदर्शन करते हैं तो आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की कि वो पंजाब सरकार को इस प्रदर्शन के दौरान आम लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश दें।
याचिका में कहा गया कि याची को पता चला है कि बुधवार 15 नवंबर से पांच किसान संगठन सरकार के विरोध में फगवाड़ा के नेशनल हाईवे नंबर-1 पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन में लगभग पांच हजार के करीब किसान शामिल होने की संभावना है।
इस दौरान नेशनल हाईवे को बंद किया जाएगा और हो सकता है कि इस हाईवे से दिल्ली से लाहौर जाने वाली बस को भी रोका जाए। यह बेहद ही व्यस्त हाईवे है अगर किसान इस हाईवे पर प्रदर्शन करते हैं तो आम लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की कि वो पंजाब सरकार को इस प्रदर्शन के दौरान आम लोगों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश दें।