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पंजाब: प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा पर रोक, हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

Wed, 24 Nov 2021 10:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Nov 2021 10:46 AM IST
सार

28 नवंबर को 8393 पदों के लिए प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा होनी थी। अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने पंजाब के शिक्षा सचिव को जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया है। 

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Punjab and Haryana High Court stay on recruitment exam of pre primary teachers
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 8393 पदों पर भर्ती के लिए 28 नवंबर को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने प्रदेश के शिक्षा सचिव को याचिका पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। नजर सिंह व अन्य ने प्री प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में तय की गई शर्तों को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 

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21 सितंबर को हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और साथ ही पूछा था कि वह बताए कि क्यों न इन पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए। राज्य सरकार द्वारा दाखिल जवाब पर हाईकोर्ट ने कहा कि वह स्पष्ट नहीं है और दोनों नोटिफिकेशन पर पंजाब सरकार कोई जवाब नहीं दे पाई है। हाईकोर्ट ने अब 28 नवंबर की परीक्षा पर रोक लगाते हुए शिक्षा सचिव को जवाब देने का आदेश दिया है।
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23 नवंबर 2020 को मांगे थे आवेदन
याचिका में बताया गया है कि पंजाब सरकार ने 23 नवंबर 2020 को प्री-प्राइमरी शिक्षकों के 8393 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। याचिकाकर्ताओं ने भी ऑनलाइन आवेदन किया था और उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिल गया था। इसी दौरान बड़ी संख्या में एजुकेशन प्रोवाइडर, एजुकेशन वालंटियर, एजुकेशन गारंटी स्कीम वालंटियर, अल्टरनेटिव और इनोवेटिव एजुकेशन वालंटियर, स्पेशल ट्रेनिंग रिसोर्स वालंटियर, इन्क्लूसिव एजुकेशनल वालंटियर, जो पहले ही सर्व शिक्षा अभियान के तहत बैक डोर से नियुक्त हुए थे, उन्होंने राज्यभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। इनके दबाव में सरकार ने विज्ञापन को वापस ले लिया।
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14 सितंबर को नई शर्तों के साथ निकाला विज्ञापन
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इसके बाद सरकार ने 14 सितंबर को फिर इन्हीं पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया और नई शर्तें लगा दी कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदक को एजुकेशन प्रोवाइडर, एजुकेशन वालंटियर, एजुकेशन गारंटी स्कीम वालंटियर, अल्टरनेटिव और इनोवेटिव एजुकेशन वालंटियर, स्पेशल ट्रेनिंग रिसोर्स वालंटियर, इन्क्लूसिव एजुकेशनल वालंटियर कम से कम तीन वर्षों का अनुभव होना अनिवार्य है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकार ने अब ये शर्तें पहले से कार्यरत शिक्षकों को ऐडजस्ट करने के लिए ही की है। इस तरह तो कोई भी आवेदक जिन्हें इसका अनुभव नहीं है, उनकी नियुक्ति ही नहीं होगी और यह पूरी तरह से गलत है, लिहाजा इसे रद्द किया जाए।

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