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Chandigarh: तीसरी बार अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करना पड़ा महंगा, हाईकोर्ट ने ठोका 10 हजार रुपये का जुर्माना
Thu, 03 Nov 2022 08:50 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 03 Nov 2022 08:50 PM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाया और याचिकाकर्ता पर बार-बार एक ही मांग को लेकर याचिका दायर करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। हाईकोर्ट ने यह राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पर्यावरण संरक्षण कोष में जमा करवाने का आदेश दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
एनडीपीएस के एक मामले में महिला को तीसरी बार अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करना भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने आरोपी महिला पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए यह राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पर्यावरण संरक्षण कोष में जमा करवाने का आदेश दिया है। मोहाली निवासी अलीशा चोपड़ा ने याचिका दाखिल करते हुए उसे एनडीपीएस के मामले में अग्रिम जमानत देने की अपील की थी।
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याची ने बताया था कि पुलिस को मिली खुफिया सूचना के चलते पुलिस ने नाका लगा उसके पति को गिरफ्तार कर लिया था। उस समय पति के पास से 1 किलो 225 ग्राम हेरोइन जब्त की गई थी। बाद में पति के खुलासे के बाद उसके घर से 800 ग्राम हेरोइन, 8 लाख रुपये, 32 बोर की एक अवैध पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए थे।
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पूछताछ में पति ने बताया था कि वह इस धंधे से कमाए पैसों को याची के खाते में जमा करवाता था। पुलिस ने इसके बाद इस मामले में याची को नामजद कर दिया गया। इसी मामले में याची ने अग्रिम जमानत मांगी थी। याचिकाकर्ता महिला ने पहले छह सितंबर को याचिका दायर की जिसे वापस ले लिया। इसके बाद वकील बदल कर 21 सितंबर को फिर याचिका दायर कर दी लेकिन हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद उसे भी वापस ले लिया।
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अब एक बार फिर याचिका दायर कर दी। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए याचिकाकर्ता पर बार-बार एक ही मांग को लेकर याचिका दायर करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पर्यावरण संरक्षण कोष में जमा करवाने का आदेश दिया है।