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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश- फिल्म 'शूटर' को प्रतिबंधित करने पर निर्णय ले केंद्र
Tue, 18 Feb 2020 09:35 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 18 Feb 2020 09:35 PM IST
सार
- कहा- याचिका को ही रिप्रजेंटेशन समझ केंद्र सरकार फिल्म पर फैसला ले।
- इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने किया याचिका का निपटारा।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
गैंगस्टर सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर आधारित फिल्म शूटर को प्रतिबंधित करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार को फैसला लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि याचिका को केंद्र सरकार रिप्रजेंटेशन समझते हुए उचित निर्णय ले।
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एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने याचिका दाखिल कर हरियाणा सरकार तथा चंडीगढ़ प्रशासन को फिल्म शूटर पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि फिल्म पर राज्य में पहले ही बैन लगाया जा चुका है।
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केंद्र सरकार की तरफ से वकील धीरज जैन ने कोर्ट को बताया कि केंद्र या उसकी किसी भी अथॉरिटी ने फिल्म शूटर को सार्वजनिक तौर पर दिखाने के लिए कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने याची से कहा कि वह इस याचिका की एक कापी केंद्र सरकार को दे और केंद्र सरकार याचिका को मांग पत्र मानकर उस पर कार्रवाई करे। कोर्ट ने पंजाब सरकार को भी इस मामले में उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।
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इस मामले में याची ने अपनी याचिका में कहा था कि यह फिल्म गैंगस्टर सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर आधारित है। काहलवां पर तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। फिल्म में हिंसा के साथ गन कल्चर को बढ़ावा दिया गया है।
याची ने हाईकोर्ट को बताया कि फिल्म शूटर हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के उस आदेश के विपरीत है। जिसमें ऐसी किसी भी फिल्म, गाने आदि को नहीं चलने देने का निर्देश था जो अपराध, हिंसा या गैंगस्टर बनने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाला हो।