देश में खिलाड़ी अच्छे खाने और मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज क्यों: हाईकोर्ट
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खिलाड़ियों की दुर्दशा को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि देश में खिलाड़ियों की दुर्दशा क्यों है। हाईकोर्ट ने कहा कि खिलाड़ी अच्छे खाने और मूलभूत सुविधाओं को मोहताज हैं जो बेहद गंभीर मामला है। हाईकोर्ट ने मामले में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी को ऐसे दिशा निर्देश तैयार करने के आदेश दिए हैं जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिले।
याचिका दाखिल करते हुए अभिमन्यु तिवारी ने कहा कि इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को अन्य यूनिवर्सिटी में जाने पर न तो सही प्रकार से रहने की व्यवस्था मिलती है और न ही सही खाना। याची ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण खिलाड़ी बेहद परेशान होते हैं। मामले में हाईकोर्ट ने एआईयू से जवाब मांगा था।
एआईयू ने जवाब दाखिल करते हुए कहा कि फंड मिलने में देरी के कारण खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। केंद्र सरकार ने बताया कि फंड अब जारी किया जा रहा है। इसके बाद भी खिलाड़ियों को सही सुविधाएं न मिलने पर अब हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए एआईयू को दिशा निर्देश तैयार करने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि फंड कैसे खर्च करना है और किस स्तर की सुविधाएं दी जानी हैं यह निर्धारित कर कोर्ट को सूचित किया जाए। यह नीति भी तैयार की जाए कि फंड कब और कैसे जारी हो और इसे खर्च करने का तरीका क्या हो ताकि सुविधाएं समय पर मिल सकें। हाईकोर्ट के इस आदेश से अब देश भर में होने वाली प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को सही और समय पर सुविधाएं मिल सकेंगी।