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करतारपुर कॉरिडोरः किसानों की सरकार को कड़ी चेतावनी- उचित दाम न मिला तो नहीं देंगे जमीन
Sun, 17 Feb 2019 12:26 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बटाला(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बटाला(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 17 Feb 2019 12:26 PM IST
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करतारपुर कॉरिडोर
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करतारपुर कॉरिडोर पर जहां पुलवामा आतंकी हमले के बाद संकट के बादल छाए हुए हैं, वहीं किसानों ने भी सरकार को कड़ी चेतावनी देकर अपना पक्ष साफ कर दिया है। कॉरिडोर बनाने के लिए जिन किसानों के खेत रास्ते में आते हैं उनके लिए अभी तक सरकार जमीन का मुआवजा निश्चित नहीं कर पाई। अब किसानों ने इस मुआवजे की राशि को लेकर एकजुट होना शुरू कर दिया और जमीन का दाम उनके मुताबिक न मिलने पर संघर्ष करने की चेतावनी भी दी है। शनिवार को भारत-पाक सीमा पर स्थित गुरुद्वारा सिद्ध सोह रंधावा में किसान बचाओ कमेटी के बैनर तले एक मीटिंग की गई।
इस मीटिंग में डेरा बाबा नानक के उन सभी किसानों ने हिस्सा लिया जिन किसानों की जमीन कॉरिडोर में आती है। मीटिंग की अगुवाई कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने की। इस मौके पर सूबा सिंह ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनको अपनी जमीनों का सही मूल्य नहीं मिल जाता, तब तक वह किसी भी उच्चाधिकारी को अपनी जमीन एक्वायर नहीं करने देंगे। सोमवार को किसानों की एसडीएम डेरा बाबा नानक अशोक कुमार शर्मा के साथ इस संबंधी मीटिंग की जानी है। अगर मीटिंग में कोई हल न निकला तो वह मंगलवार से भारत-पाक सीमा के पास जहां से करतारपुर कॉरिडोर के लिए रास्ता निकलना है, वहां पक्का धरना लगाएंगे।
अब वह अपनी जमीन के मूल्य के लिए किसी भी उच्चाधिकारी के पास नहीं जाएंगे। गांव जोड़ियां खुर्द के बलदेव सिंह ने बताया कि अगर किसानों ने सरकार से बनता मूल्य लेना है तो उनको अपनी एकता दिखानी होगी। किसानों ने मांग की कि एक लाख रुपये प्रति मरला, फसलों का बनता मुआवजा, किसान के परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी आदि मांगों को पूरा किया जाए। इस अवसर पर सूबा सिंह, शमशेर सिंह, गुरहरप्रीत सिंह लाडी, जोगिंदर सिंह, हीरा सिंह, हरप्रीत सिंह, मलूक सिंह, गुरकंवरपाल सिंह, बिक्रमजीत सिंह, बलराज सिंह, सुखदेव सिंह, लवप्रीत सिंह, बलजीत सिंह, शमशेर सिंह, साहिब सिंह, मनप्रीत सिंह, रणजीत सिंह और हरदीप सिंह मौजूद थे।
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इस मीटिंग में डेरा बाबा नानक के उन सभी किसानों ने हिस्सा लिया जिन किसानों की जमीन कॉरिडोर में आती है। मीटिंग की अगुवाई कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने की। इस मौके पर सूबा सिंह ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनको अपनी जमीनों का सही मूल्य नहीं मिल जाता, तब तक वह किसी भी उच्चाधिकारी को अपनी जमीन एक्वायर नहीं करने देंगे। सोमवार को किसानों की एसडीएम डेरा बाबा नानक अशोक कुमार शर्मा के साथ इस संबंधी मीटिंग की जानी है। अगर मीटिंग में कोई हल न निकला तो वह मंगलवार से भारत-पाक सीमा के पास जहां से करतारपुर कॉरिडोर के लिए रास्ता निकलना है, वहां पक्का धरना लगाएंगे।
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अब वह अपनी जमीन के मूल्य के लिए किसी भी उच्चाधिकारी के पास नहीं जाएंगे। गांव जोड़ियां खुर्द के बलदेव सिंह ने बताया कि अगर किसानों ने सरकार से बनता मूल्य लेना है तो उनको अपनी एकता दिखानी होगी। किसानों ने मांग की कि एक लाख रुपये प्रति मरला, फसलों का बनता मुआवजा, किसान के परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी आदि मांगों को पूरा किया जाए। इस अवसर पर सूबा सिंह, शमशेर सिंह, गुरहरप्रीत सिंह लाडी, जोगिंदर सिंह, हीरा सिंह, हरप्रीत सिंह, मलूक सिंह, गुरकंवरपाल सिंह, बिक्रमजीत सिंह, बलराज सिंह, सुखदेव सिंह, लवप्रीत सिंह, बलजीत सिंह, शमशेर सिंह, साहिब सिंह, मनप्रीत सिंह, रणजीत सिंह और हरदीप सिंह मौजूद थे।
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आतंकी हमले के बाद पंजाब में आशंकाओं के बादल, केंद्र पर टिकी निगाहें
पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर आतंकी हमले का साया सिखों की सालों से लंबित मांग करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर पड़ने की आशंका बन गई है। आतंकी हमले के बाद सूबे में आशंकाओं के बादल छा गए हैं। सभी की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं। सालों के इंतजार के बाद कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू के पाक पीएम इमरान खान के ताजपोशी समागम में शामिल होने के बाद उम्मीद जगी थी। इमरान खान ने श्री गुरु नानक देव जी से संबंधित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब तक कॉरिडोर खोलने की पहल की। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उस पर सहमति जताई।
कॉरिडोर के शिलान्यास में दो केंद्रीय मंत्रियों को भेजा। पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में काम शुरू कर दिया था। भारतीय हिस्से में भी जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सभी को उम्मीद थी कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले कॉरिडोर शुरू हो जाएगा। लेकिन पुलवामा में आतंकी हमले ने हालात एक दम बदल दिए हैं। पूरे देश में पाक के खिलाफ रोष है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को साफ संदेश दे दिया कि इस मामले में कोई भी कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। जिसके बाद से हर पंजाबी के मन में आशंकाएं गहरा गई हैं।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जताई कि इस हमले का करतारपुर कॉरिडोर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने वीजा मुक्त खुले दर्शन दीदार करवाने संबंधी अपनी मांग दोहराई। कैप्टन ने कहा कि उनका विश्वास है कि कॉरिडोर पूरी तरह महफूज होगा। लेकिन दोनों देशों के बीच शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाना है तो पाकिस्तान को अपना बर्ताव बदलना होगा। वहीं, कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि करतारपुर का खून-खराबे से क्या लेना। यह तो लोगों को उनके दिलों से जोड़ता है। जब कोई भक्ति भाव से यात्री बन जाता है तो वह अलग व्यक्ति बन जाता है।
हमें समस्या की जड़ ढूंढ कर उसे खत्म करना चाहिए। उधर, नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले का करतारपुर कॉरिडोर पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। करतारपुर कॉरिडोर से जोड़ कर आतंकी हमले की बात नहीं करनी चाहिए। क्योंकि श्री गुरु नानक देव जी तो सरबत केभले के मार्गदर्शक थे।
कॉरिडोर के शिलान्यास में दो केंद्रीय मंत्रियों को भेजा। पाकिस्तान ने अपने क्षेत्र में काम शुरू कर दिया था। भारतीय हिस्से में भी जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सभी को उम्मीद थी कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले कॉरिडोर शुरू हो जाएगा। लेकिन पुलवामा में आतंकी हमले ने हालात एक दम बदल दिए हैं। पूरे देश में पाक के खिलाफ रोष है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को साफ संदेश दे दिया कि इस मामले में कोई भी कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। जिसके बाद से हर पंजाबी के मन में आशंकाएं गहरा गई हैं।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में उम्मीद जताई कि इस हमले का करतारपुर कॉरिडोर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने वीजा मुक्त खुले दर्शन दीदार करवाने संबंधी अपनी मांग दोहराई। कैप्टन ने कहा कि उनका विश्वास है कि कॉरिडोर पूरी तरह महफूज होगा। लेकिन दोनों देशों के बीच शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाना है तो पाकिस्तान को अपना बर्ताव बदलना होगा। वहीं, कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि करतारपुर का खून-खराबे से क्या लेना। यह तो लोगों को उनके दिलों से जोड़ता है। जब कोई भक्ति भाव से यात्री बन जाता है तो वह अलग व्यक्ति बन जाता है।
हमें समस्या की जड़ ढूंढ कर उसे खत्म करना चाहिए। उधर, नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले का करतारपुर कॉरिडोर पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। करतारपुर कॉरिडोर से जोड़ कर आतंकी हमले की बात नहीं करनी चाहिए। क्योंकि श्री गुरु नानक देव जी तो सरबत केभले के मार्गदर्शक थे।