तकरारः सीएम बोले- CID विभाग मेरे पास है और रहेगा, विज ने कहा- हर चीज लेने का एक तरीका होता है
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सीआईडी विभाग को अपने पास रखने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और गृहमंत्री अनिल विज अड़ गए हैं। शुक्रवार को सीएम मनोहर लाल ने नियमों का हवाला देकर सीआईडी विभाग को अपने पास रहने का दावा किया। वहीं, गृहमंत्री विज ने भी फिर दावा किया कि सीएम सुप्रीमो हैं, वह कोई भी विभाग ले सकते हैं, लेकिन हर चीज लेने का एक तरीका होता है। विज ने भी नियमों का हवाला देकर सीआईडी विभाग पर अपनी दावेदारी की।
सीएम मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि सीआईडी विभाग को लेकर जो भी तकनीकी औपचारिकताएं हैं, वे जल्दी पूरी कर ली जाएंगी। इस विषय में हमारी बात हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस मामले में उनकी किससे बात हुई है। उन्होंने साफ कहा कि सीआईडी विभाग उनके पास है और रहेगा। सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्रियों देवीलाल और बंसीलाल के भी सीआईडी और इंटेलिजेंस विभाग को अपने पास रखने की दलील लेकर विज के लिए स्थिति स्पष्ट कर दी।
वहीं, रोहतक में मीडिया से बातचीत में गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि किसी भी विभाग और उसके भाग के स्थानांतरण को लेकर पेज नंबर 30 पर रूल नंबर 5 लिखा हुआ है कि सीआईडी गृह मंत्रालय का हिस्सा होती है। फिर भी मैं कहता हूं कि सीएम सुप्रीम हैं, उनके पास पावर है। नियम के तहत कैबिनेट के अंदर पहले यह मामला रखा जाता। इसके बाद उसे विधानसभा में पास कराया जाता। किसी ने सीआईडी को लेकर वेबसाइट पर सूचना डाली थी, बाद में खुद ही हटा दी।
असमंजस में सीआईडी अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, सीएम और गृहमंत्री के बीच चल रहे टकराव के कारण सीआईडी विभाग के अधिकारी असमंजस में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि गृहमंत्री अनिल विज को रिपोर्ट करें या नहीं। चूंकि, विज अब तक सीआईडी को अपना विभाग बताकर अधिकारियों से रिपोर्ट लेते आ रहे हैं। जबसे सीएम, सूचना एवं जनसंपर्क एवं विधानसभा की वेबसाइट पर सीआईडी विभाग सीएम के पास दिखाया गया है, तब से विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मुख्यमंत्री अपनी मुखबिरी से तो नहीं डर रहे : जयहिंद
आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा है कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री जनता की सुरक्षा की बजाए एक-दूसरे की मुखबिरी में उलझे हुए हैं। सीआईडी को फुटबाल बना दिया गया है। यह लड़ाई सीआईडी को लेकर नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री पद को लेकर है। मुख्यमंत्री को डर सता रहा है कि कहीं विज उनकी व उनके मंत्रियों, विधायकों की मुखबिरी न करवा रहे हों।
प्रदेश में जल्द मध्यवर्ती चुनाव कराने के सवाल पर गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और ओपी चौटाला डिप्रेशन के शिकार हैं। मैं स्वास्थ्य विभाग का मंत्री हूं, मुझे पता है कि डिप्रेशन में हर चीज टूटती या गिरती नजर आती है। हम चाहते हैं कि विपक्ष डिप्रेशन में ही रहे। वहीं, जेएनयू में हिंसा के विवाद पर विज ने कहा कि शिक्षा मंदिरों में राजनीति का प्रवेश नहीं होना चाहिए। जब-जब ऐसा हुआ है, तब तक जेएनएयू जैसे हालात हुए हैं।
टुकड़े टुकड़े गैंग देश को अस्थिर करना चाहता है लेकिन भाजपा ऐसा नहीं होने देगी। पार्टी और सरकार लोगों को विपक्ष के दुष्प्रचार के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एमडीयू में भी कोई राजनीतिक कार्यक्रम होना गलत है। उन्होंने कहा कि जल्द रोहतक, हिसार, पानीपत, करनाल और यमुनानगर के सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव होंगे।
साथ ही पुलिसकर्मियों के हित के लिए एक कमेटी गठित की है। इसमें जिला स्तर पर पांच हवलदार और पांच कांस्टेबल से पूछा जाएगा, आखिर उनको क्या-क्या परेशानियां हैं। कैसे दूर की जा सकती हैं। कॉमन मिनिमम प्रोग्राम लागू करने के सवाल पर विज ने कहा कि, इसको लेकर एक मीटिंग हो चुकी है। भाजपा और जजपा की एक-एक घोषणा को लागू करने के लिए विचार किया गया। अब वित्त विभाग और विधि विभाग से पूछा गया है कि दोनों घोषणा लागू करने में कोई दिक्कत तो नहीं है। जैसे ही रिपोर्ट आती है, तुरंत सरकार के कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लागू कर दिया जाएगा।
जल्द होगी डॉक्टरों की कमी पूरी
विज ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों की कमी पूरी करने के लिए सरकार ने एडहॉक नीति बनाई है। नीति के तहत डॉक्टरों को अच्छा खासा पैकेज दिया जाएगा। साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का बजट 2300 सौ करोड़ से बढ़ाकर 5000 करोड़ किया है और आने वाले समय में इस बजट को बढ़ाकर 10,000 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों की बिल्डिंग को बेहतर किया जाएगा। हर जिले में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। 100 बिस्तर वाले अस्पतालों को वातानुकूलित किया जाएगा। कैथ लैब लगाई जाएगी। एमआरआई और सीटी स्कैन की सेवाएं भी जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी। विज ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 28 रह गई है और मातृ मृत्यु दर 127 से घटकर 98 हो गई है।
इसी प्रकार से ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत बढ़ी है, जिससे पता लगता है कि प्रदेश के लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है। इस मौके पर सांसद अरविंद शर्मा, महम के विधायक बलराज कुंडू और जिला अध्यक्ष अजय बंसल भी मौजूद रहे।