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पीयू सिंडीकेट आज, डीएसडब्ल्यू प्रो. गोस्वामी की नियुक्ति पर होगा फैसला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 26 Nov 2016 11:51 PM IST
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VC Arun Grover On PU
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी की रविवार को होने वाली सिंडीकेट बैठक कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हंगामा होने की उम्मीद है। सिंडीकेट में डीएसडब्ल्यू प्रो.जितेंद्र गोस्वामी की नियुक्ति और पीयू कुलपति के खिलाफ यौन शोषण मामले में पीयूकैश की रिपोर्ट रखी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार सिंडीकेट में प्रो. गोस्वामी के खिलाफ सिंडीकेट का एक दल पूरी तरह लामबंद हो चुका है। शनिवार देर रात सिंडीकेट सदस्यों के ग्रुप की हुई मीटिंग में प्रो. गोस्वामी की जगह पीयू पत्राचार विभाग(यूसोल) के प्रोफेसर इमैनुअल नाहर का नाम डीएसडब्ल्यू के लिए फाइनल किया गया है। लॉ विभाग के डॉ.रत्न सिंह और पंजाब विभाग के योगराज अंग्रीस भी दावेदारों की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। लेकिन अंतिम फैसला सिंडीकेट में ही होगा। बैठक में एसोसिएट डीएसडब्ल्यू की नियुक्ति को लेकर भी फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि अक्तूबर में पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल और प्रो.नंदिता सिंह ने डीएसडब्ल्यू पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद कुलपति नेे यूआईईटी विभाग के प्रो. जितेंद्र गोस्वामी और डॉ.नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू(वुमन) नियुक्ति कर दिया था। लेकिन इस नियुक्ति का सिंडीकेट के एक धड़े ने विरोध किया।
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इसके अलावा सिंडीकेट में पीयू कुलपति के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में पीयू कैश द्वारा रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठेगा। सिंडीकेट में सेक्टर-25 स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेस (यूआईएएमएस) द्वारा ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट और विभिन्न नौकरी के लिए ऑनलाइन पेपर लेने के लिए करीब 4 करोड़ की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का प्रस्ताव भी आएगा। पीयू की आर्थिक तंगी को देखते हुए इस प्रस्ताव को फिलहाल कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
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सूत्रों के अनुसार सिंडीकेट में प्रो. गोस्वामी के खिलाफ सिंडीकेट का एक दल पूरी तरह लामबंद हो चुका है। शनिवार देर रात सिंडीकेट सदस्यों के ग्रुप की हुई मीटिंग में प्रो. गोस्वामी की जगह पीयू पत्राचार विभाग(यूसोल) के प्रोफेसर इमैनुअल नाहर का नाम डीएसडब्ल्यू के लिए फाइनल किया गया है। लॉ विभाग के डॉ.रत्न सिंह और पंजाब विभाग के योगराज अंग्रीस भी दावेदारों की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। लेकिन अंतिम फैसला सिंडीकेट में ही होगा। बैठक में एसोसिएट डीएसडब्ल्यू की नियुक्ति को लेकर भी फैसला लिया जाएगा।
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गौरतलब है कि अक्तूबर में पूर्व डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल और प्रो.नंदिता सिंह ने डीएसडब्ल्यू पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद कुलपति नेे यूआईईटी विभाग के प्रो. जितेंद्र गोस्वामी और डॉ.नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू(वुमन) नियुक्ति कर दिया था। लेकिन इस नियुक्ति का सिंडीकेट के एक धड़े ने विरोध किया।
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इसके अलावा सिंडीकेट में पीयू कुलपति के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में पीयू कैश द्वारा रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठेगा। सिंडीकेट में सेक्टर-25 स्थित यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेस (यूआईएएमएस) द्वारा ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट और विभिन्न नौकरी के लिए ऑनलाइन पेपर लेने के लिए करीब 4 करोड़ की लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का प्रस्ताव भी आएगा। पीयू की आर्थिक तंगी को देखते हुए इस प्रस्ताव को फिलहाल कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
सिंडीकेट में ये प्रस्ताव भी रखे जाएंगे
Panjab University
- फोटो : amar ujala
सिंडीकेट में ये प्रस्ताव भी रखे जाएंगे
पीयू में मैनेजमेंट की पढ़ाई हिंदी माध्यम से कराने का प्रस्ताव।
-पीयू एमएससी की एक छात्रा द्वारा सीनियर टेक्नीशियन के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला।
-पीयू लैब टेक्निकल स्टॉफ एसोसिएशन के अनुरोध पर मेंबरशिप के तौर पर 100 रुपये प्रति महीने चार्ज करने का मामला।
गवर्नमेंट कॉलेज-11 को कोएड एजुकेशन के प्रस्ताव को मंजूरी।
-खालसा यूनिवर्सिटी अमृतसर के कुलपति प्रो.एसएस चहल को बॉटनी विभाग में ऑनरेरी प्रोफेसर नियुक्त करने का मामला।
देर रात तक सिंडीकेट के दोनों ग्रुप की चली मीटिंग
1 नवंबर से पीयू में नई सीनेट का कार्यकाल शुरू हो चुका है। ऐसे में सिंडीकेट बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीनेट में इस बार प्रो. नवदीप गोयल ग्रुप का काफी दबदबा माना जा रहा है। शनिवार देेर रात तक सिंडीकेट बैठक से पहले अशोक गोयल और नवदीप गोयल ग्रुप की सिंडीकेट सदस्यों के साथ अलग-अलग मीटिंग में डीएसडब्ल्यू की नियुक्ति को लेकर रणनीति तैयार की गई।। सूत्रों के अनुसार मीटिंग में डीएसडब्ल्यू के लिए प्रो.नवदीप गोयल ग्रुप के ही यूसोल और लॉ विभाग के प्रोफेसर का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है।
पीयू में मैनेजमेंट की पढ़ाई हिंदी माध्यम से कराने का प्रस्ताव।
-पीयू एमएससी की एक छात्रा द्वारा सीनियर टेक्नीशियन के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला।
-पीयू लैब टेक्निकल स्टॉफ एसोसिएशन के अनुरोध पर मेंबरशिप के तौर पर 100 रुपये प्रति महीने चार्ज करने का मामला।
गवर्नमेंट कॉलेज-11 को कोएड एजुकेशन के प्रस्ताव को मंजूरी।
-खालसा यूनिवर्सिटी अमृतसर के कुलपति प्रो.एसएस चहल को बॉटनी विभाग में ऑनरेरी प्रोफेसर नियुक्त करने का मामला।
देर रात तक सिंडीकेट के दोनों ग्रुप की चली मीटिंग
1 नवंबर से पीयू में नई सीनेट का कार्यकाल शुरू हो चुका है। ऐसे में सिंडीकेट बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीनेट में इस बार प्रो. नवदीप गोयल ग्रुप का काफी दबदबा माना जा रहा है। शनिवार देेर रात तक सिंडीकेट बैठक से पहले अशोक गोयल और नवदीप गोयल ग्रुप की सिंडीकेट सदस्यों के साथ अलग-अलग मीटिंग में डीएसडब्ल्यू की नियुक्ति को लेकर रणनीति तैयार की गई।। सूत्रों के अनुसार मीटिंग में डीएसडब्ल्यू के लिए प्रो.नवदीप गोयल ग्रुप के ही यूसोल और लॉ विभाग के प्रोफेसर का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है।