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पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट में हंगामा, डीएवी कॉलेज को नहीं मिली पाई एमबीए कोर्स की मान्यता
Sun, 10 Nov 2019 01:04 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 01:04 PM IST
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पीयू सिंडिकेट की बैठक में डीएवी कॉलेज को एमबीए की मान्यता देने को लेकर हंगामा हो गया। एक पक्ष मान्यता देने के लिए खड़ा था तो दूसरा नियमों की दुहाई दे रहा था। काफी देर तक हंगामा चला। आखिर में तय हुआ कि डीएवी कॉलेज प्रबंधन यदि मानकों की पूर्ति कर लेगा तो अगले वर्ष तक उसे मान्यता दे दी जाएगी।
जानकारों का कहना है कि पहले इसी सिंडिकेट ने एक बार एमबीए की मान्यता दी थी, लेकिन अब सिंडिकेट के चुनाव अगले माह आ रहे हैं, उसके गणित को देखते हुए ऐसा किया गया। माना जा रहा है कि डीएवी ग्रुप भाजपा ग्रुप के साथ जुड़ रहा है। ऐसे में सिंडिकेट के एक बड़े ग्रुप ने मान्यता नहीं दी। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने मानक भी पूरे नहीं किए थे। सीनेट में भी यह प्रकरण काफी उठा था। सिंडिकेट ने गुरु पर्व को लेकर 11 नवंबर की छुट्टी घोषित की है।
इसके अलावा सिंडिकेट की बैठक में एमबीए कैपिटल मार्केट कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल गई। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड मैनेजमेंट यानी यूआईएएमएस विभाग एमबीए कैपिटल कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। यह कोर्स 2020-21 में शुरू होगा। इसके अलावा डीआईएचएआर की लेबोरेट्री को पीयू के बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी, रसायन विज्ञान, यूआईपीएस के रिसर्च सेंटर के तौर पर मान्यता दी गई।
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एमएमडीएवी कॉलेज गिद्दारवां को एमए इतिहास की कक्षाएं लगाने की मान्यता मिल गई। कई अन्य कॉलेजों में भी कुछ कोर्स संचालन पर सहमति बनी तो कुछ में मानकों की पूर्ति नहीं होने के कारण उनके वापस लौटाया गया। कुछ शिक्षकों के प्रमोशन भी किए गए। शून्यकाल में कई सदस्यों ने कई सवाल उठाए, उस पर मनन करने के लिए कहा गया, लेकिन वह एजेंडे में शामिल नहीं थे, इसलिए निर्णय नहीं हो सका।
इस दौरान वैदिक कोर्स संचालन पर भी सहमति बनी, लेकिन उसके लिए पाठ्यक्रम तय करने की बात कही गई।
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जानकारों का कहना है कि पहले इसी सिंडिकेट ने एक बार एमबीए की मान्यता दी थी, लेकिन अब सिंडिकेट के चुनाव अगले माह आ रहे हैं, उसके गणित को देखते हुए ऐसा किया गया। माना जा रहा है कि डीएवी ग्रुप भाजपा ग्रुप के साथ जुड़ रहा है। ऐसे में सिंडिकेट के एक बड़े ग्रुप ने मान्यता नहीं दी। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन ने मानक भी पूरे नहीं किए थे। सीनेट में भी यह प्रकरण काफी उठा था। सिंडिकेट ने गुरु पर्व को लेकर 11 नवंबर की छुट्टी घोषित की है।
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इसके अलावा सिंडिकेट की बैठक में एमबीए कैपिटल मार्केट कोर्स शुरू करने की अनुमति मिल गई। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड मैनेजमेंट यानी यूआईएएमएस विभाग एमबीए कैपिटल कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। यह कोर्स 2020-21 में शुरू होगा। इसके अलावा डीआईएचएआर की लेबोरेट्री को पीयू के बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी, रसायन विज्ञान, यूआईपीएस के रिसर्च सेंटर के तौर पर मान्यता दी गई।
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एमएमडीएवी कॉलेज गिद्दारवां को एमए इतिहास की कक्षाएं लगाने की मान्यता मिल गई। कई अन्य कॉलेजों में भी कुछ कोर्स संचालन पर सहमति बनी तो कुछ में मानकों की पूर्ति नहीं होने के कारण उनके वापस लौटाया गया। कुछ शिक्षकों के प्रमोशन भी किए गए। शून्यकाल में कई सदस्यों ने कई सवाल उठाए, उस पर मनन करने के लिए कहा गया, लेकिन वह एजेंडे में शामिल नहीं थे, इसलिए निर्णय नहीं हो सका।
इस दौरान वैदिक कोर्स संचालन पर भी सहमति बनी, लेकिन उसके लिए पाठ्यक्रम तय करने की बात कही गई।