फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PU girl students can soon get menstrual leave, committee approves

Chandigarh News: पीयू की छात्राओं को जल्द मिल सकता है मासिक धर्म अवकाश, समिति ने दी मंजूरी

Wed, 13 Mar 2024 03:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2024 03:31 AM IST
विज्ञापन
PU girl students can soon get menstrual leave, committee approves
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) की छात्राओं को जल्द मासिक धर्म अवकाश मिल सकता है। इसे लेकर बनाई गई उप समिति की सिफारिशों को मुख्य समिति ने मंगलवार को स्वीकार कर लिया। अब इसे मंजूरी के लिए वीसी और सीनेट में भेजा जाएगा। यहां मंजूरी मिलते ही मासिक धर्म अवकाश को पीयू में लागू कर दिया जाएगा।पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (पीयूसीएससी) के अध्यक्ष जतिंदर सिंह ने सत्र 2023-24 में मासिक धर्म अवकाश का प्रस्ताव पीयू प्रशासन के समक्ष रखा था, जिसके बाद कुलपति प्रो. रेणु विग ने डीयूआई प्रो. रुमीना सेठी की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। 15 फरवरी 2024 को समिति की बैठक में उप समिति गठित की गई थी। उप समिति ने पीयू कैलेंडर को ध्यान में रखते हुए और अन्य विश्वविद्यालयों में मासिक धर्म अवकाश का अध्ययन कर सकारात्मक सिफारिश तैयार की और मंगलवार को हुई बैठक में इसे मुख्य समिति के समझ रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
विज्ञापन

माना जा रहा है कि इसके बाद अब मासिक धर्म अवकाश का रास्ता साफ हो गया है। अगर ऐसा होता है तो यह उत्तर क्षेत्र में पीयू पहला ऐसा शैक्षणिक संस्थान होगा जहां छात्राओं को मासिक धर्म अवकाश मिलेगा। समिति से मंजूरी के बाद अब इसे वीसी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से सीनेट की बैठक में इसे रखा जाएगा और मंजूरी मिलने पर यह लागू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

इस अवकाश का दुरुपयोग न हो इसलिए प्रैक्टिकल और मिड सेमेस्टर एग्जाम के दौरान मासिक धर्म अवकाश नहीं दिया जाएगा। बता दें कि जतिंदर सिंह द्वारा छात्रसंघ चुनाव के दौरान प्रतिमाह दो मासिक धर्म अवकाश देने का वादा किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उप समिति ने दीं ये सिफारिशें
उप समिति ने छुट्टी देने के दो तरीकों के बारे में बताया। पहले तरीके में प्रति सेमेस्टर में कुल शिक्षण दिनों के आधार पर अवकाश के दिनों की संख्या तय की जा सकती है। इसके अलावा कुल लेक्चर में से मासिक धर्म अवकाश के लिए दो या निश्चित प्रतिशत रखे जाएंगे। छात्रा को छुट्टी लेने के 5-7 दिनों के अंतराल में विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। अवकाश लेने के लिए व्यवस्थित प्रक्रिया रहेगी। समिति ने इसके लिए अलग से फॉर्म बनाने का प्रावधान किया है। एक दिन में यदि छात्रा सात लेक्चर में से दो लगाती है और अन्य के पांच नहीं लगाती तो वह अवकाश के लिए आवेदन कर सकती है। अवकाश एक पूरे दिन के लिए दिया जाएगा और इसमें आधे दिन के अवकाश का प्रावधान नहीं होगा। छात्राओं के लिए 75 प्रतिशत लेक्चर पूरा करना भी अनिवार्य रहेगा।


इन विश्वविद्यालयों में मिलता है मासिक धर्म अवकाश
कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी देश का पहला विश्वविद्यालय है, जहां छात्राओं को मासिक धर्म के लिए अवकाश का प्रावधान किया गया है। वहीं केरल सरकार ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों में मासिक धर्म अवकाश का प्रावधान किया है। असम में गुवाहाटी, तेजपुर और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ हैदराबाद में हर सेमेस्टर में दो प्रतिशत अवकाश मासिक धर्म के लिए दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed