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अतिक्रमण हटाओ दस्ते के खिलाफ धरने पर बैठी पूर्व मेयर

Sun, 31 Jan 2016 03:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 31 Jan 2016 03:19 PM IST
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protest of public and former mayor against encroachments squad

मलोया में सरकारी जमीन पर बनी दुकानों को तोड़ने के बाद शनिवार को मलबा उठाने और बाउंड्री करने आई एस्टेट ऑफिस की टीम और पुलिस को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा।

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लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूर्व मेयर पूनम शर्मा ने भी प्रशासन और नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूनम शर्मा लोगों और दुकानदारों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं। दो बार बाउंड्री करने के प्रयास के बाद टीम को बेरंग लौटना पड़ा।
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हटाए गए थे 70 खोखे
विदित रहे कि शुक्रवार को मलोया में 70 दुकानों के खोखों को गिराया गया है, जोकि सरकारी जमीन पर बने हुए थे। शनिवार को एस्टेट ऑफिस की टीम और निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता पूरे दल-बल के साथ तार लगाने पहुंचा, लेकिन लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया।
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इस दौरान पुलिस ने लोगों को हटाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया, मगर लोग प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में डटे रहे। गड्ढे खोदने के बाद दो बार बाउंड्री करने के प्रयास के बाद आखिर टीम को लौटना पड़ा। टीम अपने साथ जेसीबी मशीन भी लेकर आई थी।

1992 से जमे थे दुकानदार
पूर्व मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि  1992 से ये दुकानदार यहां पर काम कर रहे हैं। प्रशासन को इनका पुनर्वास करना चाहिए। उनका कहना है कि सलाहकार विजय देव से भी उन्होंने फोन पर बात की है।

धरने में जुटे कांग्रेसी कार्यकर्ता और पार्षद
मालूम हो कि पूर्व मेयर पूनम शर्मा मलोया से ही वार्ड पार्षद हैं। देर शाम धरने के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और मुकेश बस्सी भी गए। इसके अलावा कई कांग्रेसी कार्यकर्ता भी धरने में मौजूद रहे।


भाजपा के राज में बढ़ रहे लोगों पर अत्याचार
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि भाजपा के राज में लोगों पर लगातार अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। पहले तो गांवों और कॉलोनियों को उजाड़ा गया। अब उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है। यूपीए सरकार ने जो स्ट्रीट वेंडर एक्ट पास किया था, भाजपा सरकार उसे भी लागू नहीं करवा पाई है। इस एक्ट के जरिए गरीब लोगों को रोजगार का अधिकार मिलने वाला था।

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