शराब फैक्टरी का विरोध: जीरा में किसानों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, 283 के खिलाफ केस, 38 गिरफ्तार
रविवार को शराब फैक्टरी के आगे लगे धरने से डेढ़ किलोमीटर दूर लगाए टेंट को पुलिस ने जेसीबी मशीन से उखाड़ दिया था। इसके बाद जीटी रोड पर प्रदर्शन कर रही सौ से ज्यादा महिलाओं व पुरुषों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
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जीरा के गांव मंसूरवाल कलां में शराब फैक्टरी के सामने प्रदर्शन करने जा रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसान बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठी भांजी। वहीं यातायात प्रभावित करने के आरोप में 283 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जबकि 38 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस ने कई लोगों के घरों में दबिश भी दी है।
इंस्पेक्टर गुरविंदर पाल सिंह के मुताबिक वह पुलिस पार्टी संग मनसूरवाल कलां शराब फैक्ट्री की तरफ जा रहे थे। बंब बंडाला पुराना के पास गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग अपने साथ सैंकड़ों की संख्या में अन्य लोगों को लेकर धरनास्थल पर जा रहे हैं। ये फैक्ट्री को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनके पास तलवार, लाठियां, किरच, बरछे, फायर आर्म्स हैं। हिंसक वारदात भी कर सकते हैं।
पुलिस ने उक्त प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड उठाकर सेम नाले में फेंक दिए और नाका तोड़ आगे बढ़ने लगे। इस पर पुलिस ने फतेह सिंह, बलराज सिंह, जगसीर सिंह व सुखचैन सिंह को गिरफ्तार समेत 38 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। उधर, इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह ने बताया कि गांव रटोल रोही एनएचटी प्वाइंट पर लगभग साठ लोग धरना लगाकर अमृतसर-बठिंडा राजमार्ग जाम कर रखा था। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है।
पांच महीने से चल रहा धरना
पंजाब के जीरा में शराब फैक्ट्ररी का विरोध पिछले पांच महीने से लोग कर रहे हैं। सोमवार को गांव लहरा रोही के पास किसान संगठन और पुलिस के बीच टकराव हो गया। किसान संगठन के लोग गांव मंसूरवाल कलां में शराब फैक्ट्री के समक्ष चल रहे धरने में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने वहां बैरिकेडिंग कर रखी थी। मगर किसान उन्हें तोड़कर आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लगभग 200 ट्रैक्टर-ट्रालियों में किसान व ग्रामीण सवार होकर पहुंचे थे।
बता दें कि पिछले पांच माह से शराब फैक्ट्री बंद करवाने की मांग को लेकर किसान व ग्रामीण गांव मंसूरवाल कलां में धरनारत हैं। प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल पर लगातार श्री अखंडपाठ रखवा रखा है ताकि पुलिस उन्हें वहां से उठा न सके।
जीरा पुलिस छावनी में तब्दील, 2000 पुलिसकर्मी तैनात
20 दिसंबर को इस मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई है। इससे पहले हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को शराब फैक्टरी के आगे से धरना हटाने का आदेश दिया था। रविवार को पुलिस ने गांव मंसूरवाला में शराब फैक्टरी से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पक्का धरना लगाकर बैठे किसानों को हटा दिया था। मगर यह मामला अभी शांत नहीं हुआ है। जीरा पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील है। यहां 2000 से ज्यादा मुलाजिम तैनात है।
फैक्टरी के सामने हजारों लोग जुटे
किसान संगठन भारती किसान यूनियन उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह की अगुवाई में तकरीबन 200 ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सवार किसान व ग्रामीण धरने में शामिल होने जा रहे थे। डीएसपी जीरा पलविंदर सिंह ने पुलिस पार्टी संग गांव लहरा रोही के पास बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की थी। पुलिस ने किसानों को बैरिकेड पर रोक लिया। यहां पर पुलिस और किसान नेताओं के बीच बहस हो गई। किसान जबरन बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। मगर किसान बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ने में सफल रहे। फैक्टरी के आगे हजारों की संख्या में लोग पहुंच चुके हैं और वहां पर श्री अखंड साहिब का पाठ लगातार चल रहा है।
जीरा के कई इलाकों में धारा- 144 लागू: एसएसपी
एसएसपी कंवरदीप कौर का कहना है कि जीरा के कुछ हिस्सों में धारा-144 लागू की है। धरनास्थल पर जाने के दो रास्ते खुले हैं। इस रास्ते से कोई भी व्यक्ति धरनास्थल तक जा सकता है। फैक्टरी के आगे धरना शांतिपूर्वक चल रहा है। पुलिस हाईकोर्ट के आदेश का पालन कर रही है। पुलिस वाहनों को रोकने की कोशिश के बाद कल 46 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ, किसी निर्दोष व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसी भी झूठी अफवाह पर विश्वास न करें।