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Chandigarh News: पीयू के फॉरेंसिक साइंस विभाग के प्रोफेसर को मिला राष्ट्रीय अवॉर्ड
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के फॉरेंसिक साइंस विभाग के चेयरपर्सन डॉ. जगदीश राय दुधवाल को भारत सरकार के आयोजित बायो ई3 चैलेंज में प्रतिष्ठित डीईएसआईजीएन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उनकी परियोजना एनिमल-फ्रेंडली एफिनिटी रिएजेंट बेस्ड लैटरल फ्लो एसे फॉर ऑन-साइट डिटेक्शन ऑफ नारकोटिक ड्रग्स को नशीले पदार्थों की पहचान के क्षेत्र में इनोवेशन के रूप में सराहा गया है।
इस अवॉर्ड के तहत उन्हें एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला है। साथ ही उन्हें बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) को विस्तृत प्रस्ताव भेजने का अवसर मिलेगा, जिसके लिए 25 लाख रुपये तक की रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन ग्रांट मिल सकती है।
डॉ. दुधवाल की यह तकनीक बिना पशु-आधारित तत्वों के तैयार प्रोटीन का उपयोग कर नशीले पदार्थों की पहचान करने का तरीका प्रस्तुत करती है। इससे एक ऐसा टेस्ट विकसित किया जा सकता है, जिससे मौके पर ही ड्रग्स की पहचान संभव होगी। इससे फॉरेंसिक एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
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इस अवॉर्ड के तहत उन्हें एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला है। साथ ही उन्हें बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) को विस्तृत प्रस्ताव भेजने का अवसर मिलेगा, जिसके लिए 25 लाख रुपये तक की रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन ग्रांट मिल सकती है।
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डॉ. दुधवाल की यह तकनीक बिना पशु-आधारित तत्वों के तैयार प्रोटीन का उपयोग कर नशीले पदार्थों की पहचान करने का तरीका प्रस्तुत करती है। इससे एक ऐसा टेस्ट विकसित किया जा सकता है, जिससे मौके पर ही ड्रग्स की पहचान संभव होगी। इससे फॉरेंसिक एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
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