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Chandigarh News: सिविल इंजीनियरिंग के प्रो. सिबी जॉन बने पेक के प्रभारी निदेशक

Wed, 05 Jun 2024 02:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2024 02:05 AM IST
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Professor of Civil Engineering. Sibi John becomes director in charge of Peck
चंडीगढ़। प्रो. सिबी जॉन को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) का प्रभारी निदेशक बनाया गया है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत प्रो. जॉन को प्रो. बलदेव सेतिया की जगह कार्यभार सौंपा है। प्रो. सेतिया को यूटी प्रशासन ने तीन जून को निदेशक पद से कार्यमुक्त कर दिया था। वहीं, मंगलवार को प्रो. सेतिया ने एनआईटी कुरुक्षेत्र वापस जॉइन कर लिया है।यूटी प्रशासन ने प्रो. बलदेव सेतिया को 18 मई को कार्यमुक्त के निर्देश जारी कर दिए थे, जिसे लेकर प्रो. सेतिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उनके कार्यमुक्त होने के दिन ही न्यायालय में सुनवाई हुई, जिस पर न्यायाधीश ने आदेश को सुरक्षित रखा। प्रशासन ने प्रो. सेतिया को 62 वर्ष की उम्र में कार्यमुक्त किया, जबकि उनका कहना है कि गृह मंत्रालय की 29 मार्च 2022 को जारी राजपत्र अधिसूचना के तहत कार्यमुक्त की आयु को 65 वर्ष किया है। इसके तहत सभी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई।
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हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि निदेशक अकादमिक नहीं बल्कि प्रशासनिक पद है, जिन पर 65 वर्ष की उम्र की अधिसूचना जारी नहीं होती। प्रो. सेतिया ने पक्ष रखा कि एआईसीटीई के दिशानिर्देशों के तहत निदेशक का पद प्रशासनिक और अकादमिक दोनों हैं। निदेशक की आयु 65 वर्ष करने के लिए प्रो. सेतिया ने यूटी प्रशासन को लिखा था, जिस पर उनके बीच 15 महीनों तक सवाल-जवाब हुआ। प्रशासन ने प्रो. सेतिया को नियुक्त करते समय उम्र सीमा को लेकर केंद्र की अधिसूचना जारी न होने और उनका पद अनुबंध के अंदर होने से उनकी आयु सीमा नहीं बढ़ाई और उन्हें कार्यमुक्त किया। 18 मई को प्रो. सेतिया के साथ प्रो. सिबी जॉन को भी पत्र जारी कर प्रभारी निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के लिए कहा। प्रो. जॉन पहले भी प्रभारी निदेशक रह चुके हैं।
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पेक से खास लगाव, कैंपस आता रहूंगा : प्रो. बलदेव सेतिया
मंगलवार दोपहर एनआईटी-कुरुक्षेत्र से अपने ऑफिस से बात करते हुए प्रो. सेतिया ने बताया कि ढाई साल में पेक के उनके कार्यकाल में उनका संस्थान के साथ खास लगाव रहा। निदेशक रहूं न रहूं पर कैंपस आता रहूंगा। अपने कार्यकाल में उन्होंने पेक के लिए काफी काम किए, सात नए प्रोग्राम शुरू किए, जिसमें क्वांटम फिजिक्स में एमटेक, बिजनेस एंड डाटा एनालिसिस में एमबीए और मैथ्स में बीटेक कोर्स शुरू करना शामिल है। इसके अलावा दो छात्रावास बनवाए और सेमिनार हॉल का काम प्रक्रिया में था। पेक के विजन को लेकर बोले कि बहुत बड़ा कैनवास तैयार किया था।
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