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Hindi News ›   Chandigarh ›   process of reserving wards for Chandigarh Municipal Corporation elections has been challenged in the High Court

चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव में वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया को हाइकोर्ट में चुनौती, 1 नवंबर को होगी सुनवाई

Wed, 27 Oct 2021 11:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 27 Oct 2021 11:55 PM IST
सार

  • अस्तित्व विहीन कॉलोनियों की जनसंख्या को जोड़े बिना वार्ड आरक्षित करने की मांग
  • शिअद व आप नेताओं ने याचिका दाखिल कर वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

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process of reserving wards for Chandigarh Municipal Corporation elections has been challenged in the High Court
चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षित करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में आरोप है कि जिन कॉलोनियों का अस्तित्व ही नहीं है आरक्षण के लिए उनकी जनसंख्या को भी आधार बनाया गया है। इस याचिका पर अब 1 नवंबर को सुनवाई होगी।

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शिरोमणि अकाली दल के महासचिव शिव कुमार व आम आदमी पार्टी के नेता शकील मोहम्मद ने चंडीगढ़ निगम चुनाव के लिए वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। याची ने बताया कि 2011 से 2021 के बीच कई कॉलोनियों को तोड़ा व हटाया गया है। कई कॉलोनियां ऐसी हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं। वार्ड आरक्षित करते हुए ऐसी कालोनियों की जनसंख्या को आधार बनाया गया है। याची ने इस संबंध में आरटीआई के माध्यम से सूचना मांगी और पूछा कि एरिया के अनुसार वार्ड की जनसंख्या की जानकारी दी जाए।
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जवाब में एरिया के अनुसार जानकारी न देकर वार्ड के अनुसार जानकारी दी गई। याची ने कहा कि 2011 की जनसंख्या को आधार बनाकर कैसे वार्ड आरक्षित किए जा सकते हैं। याची ने कहा कि वार्ड 7, 16, 19, 24, 26, 28 व 31 को इसी प्रकार आरक्षित रखने का फैसला लिया गया है।
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हाईकोर्ट से अपील की गई कि वार्ड आरक्षित करने के चुनाव आयोग के 19 अक्तूबर के फैसले को खारिज किया जाए। साथ ही आरक्षण के लिए जनगणना को ध्यान में रखते हुए जो कॉलोनी मौजूद नहीं है, उनकी जनसंख्या को हटाकर देखा जाए कि वार्ड आरक्षित होना है या नहीं। साथ ही याचिका लंबित रहते वार्ड आरक्षित करने के फैसले पर रोक लगाई जाए।

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