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नियुक्ति : प्रो. एसके तोमर बने पीयू डीयूआई
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा का एक साल का कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया। पीयू ने उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया। उनकी जगह डीन रिसर्च के पद पर कार्यरत प्रो. एसके तोमर को वरिष्ठता क्रम में डीयूआई का कार्यभार दे दिया गया। वह एक साल तक इसी पद पर बने रहेंगे। वहीं यूआईईटी विभाग की प्रो. रेणु विज को डीन रिसर्च और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. जगतार सिंह को डीएसडब्ल्यू का कार्यभार दिया गया है।
सीनेट की हाल ही में हुई बैठक में कुछ सीनेटरों ने प्रो. सिन्हा की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई थी। उन्होंने कहा था कि उनके पास तमाम फाइलें लंबित चल रही हैं। कर्मचारियों के मुद्दों को हल नहीं किया गया। कई अन्य आरोप भी लगाए गए। वहीं कुछ सीनेटरों ने उन्हें अच्छा वैज्ञानिक भी कहा।
पीयू वीसी प्रो. राज कुमार ने सीनेटरों के आरोपों को देखते हुए आश्वासन दिया था कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे और जल्द कुछ निर्णय लिया जाएगा। उसी दिन साफ हो गया था कि डीयूआई का कार्यकाल बढ़ने की संभावनाएं नहीं हैं और उसी के मुताबिक निर्णय भी लिया गया। प्रो. एसके तोमर उनकी जगह कार्यभार संभालेंगे।
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प्रो. जगतार के पास वार्डन का अनुभव नहीं, पद संचालन में आ सकती हैं दिक्कतें
प्रो. तोमर गणित विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर हैं और उनका नाम कई विश्वविद्यालयों के वीसी के साक्षात्कार के लिए नामित हो चुका है। हालांकि चयन अभी नहीं हो पाया है। डीएसडब्ल्यू बने प्रो. जगतार सिंह पीयू के रिसर्च जर्नल के एडिटर भी हैं और एक अच्छे शिक्षक भी माने जाते हैं। अधिकारियों ने उन पर विश्वास जताया है। बताया जाता है कि उनके पास वार्डन का अनुभव नहीं है। ऐसे में पद संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं।
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सीनेट की हाल ही में हुई बैठक में कुछ सीनेटरों ने प्रो. सिन्हा की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई थी। उन्होंने कहा था कि उनके पास तमाम फाइलें लंबित चल रही हैं। कर्मचारियों के मुद्दों को हल नहीं किया गया। कई अन्य आरोप भी लगाए गए। वहीं कुछ सीनेटरों ने उन्हें अच्छा वैज्ञानिक भी कहा।
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पीयू वीसी प्रो. राज कुमार ने सीनेटरों के आरोपों को देखते हुए आश्वासन दिया था कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे और जल्द कुछ निर्णय लिया जाएगा। उसी दिन साफ हो गया था कि डीयूआई का कार्यकाल बढ़ने की संभावनाएं नहीं हैं और उसी के मुताबिक निर्णय भी लिया गया। प्रो. एसके तोमर उनकी जगह कार्यभार संभालेंगे।
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प्रो. जगतार के पास वार्डन का अनुभव नहीं, पद संचालन में आ सकती हैं दिक्कतें
प्रो. तोमर गणित विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर हैं और उनका नाम कई विश्वविद्यालयों के वीसी के साक्षात्कार के लिए नामित हो चुका है। हालांकि चयन अभी नहीं हो पाया है। डीएसडब्ल्यू बने प्रो. जगतार सिंह पीयू के रिसर्च जर्नल के एडिटर भी हैं और एक अच्छे शिक्षक भी माने जाते हैं। अधिकारियों ने उन पर विश्वास जताया है। बताया जाता है कि उनके पास वार्डन का अनुभव नहीं है। ऐसे में पद संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं।