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प्राइवेट स्कूल अब महंगी किताबें नहीं बेच पाएंगे, जानिए नए नियम के बारे में?

Sun, 06 Nov 2016 01:19 AM IST
सुमित सिंह श्योराण /अमर उजाला, चंडीगढ़
सुमित सिंह श्योराण /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 06 Nov 2016 01:19 AM IST
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Private schools now will not sell expensive books
- फोटो : File Photo
एंट्री लेवल कक्षाओं में  5 से 6 हजार की किताबें सिलेबस में शामिल करने वाले प्राइवेट स्कूलों की मोटी कमाई अब बंद हो जाएगी। यूटी प्रशासन अगले सत्र से प्राइवेट स्कूलों के सिलेबस की किताबों का फैसला खुद लेने की तैयारी में है। हर साल एंट्री लेवल पर 10 हजार से अधिक अभिभावकों की जेब से प्राइवेट पब्लिशर्स करोड़ों की कमाई करते हैं। कमाई का हिस्सा प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों को भी पहुंता है। 
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शहर के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल पर ही बच्चों के सिलेबस में 5 से 6 हजार की किताबें शामिल कर दी जाती हैं। अप्रैल 2017 सत्र से पहले  ही शहर के 70 से अधिक प्राइवेट,एडेड और कॉन्वेंट स्कूलों को सिलेबस की किताबों के लिए शिक्षा विभाग से अनुमति लेनी होगी। 
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प्राइवेट स्कूल अब एंट्री लेवल पर 1000 से 1500 रुपये से अधिक की किताबें खरीदने को मजबूर नहीं कर सकेंगे। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों को अगले हफ्ते तक सिलेबस की किताबों की अप्रूवल को लेकर नोटिस जारी कर देगा। सूत्रों के अनुसार स्कूलों को दिसंबर तक शिक्षा विभाग से अगले सत्र में सिलेबस में शामिल की जाने वाली किताबों की अप्रूवल शिक्षा विभाग से लेनी होगी। प्राइवेट स्कूल अब स्कूल कैंपस में बुक शॉप खोलकर अभिभावकों को किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।
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सिलेबस की किताबों के चयन के लिए विभाग सेक्टर-32 स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के अलावा शहर के एजुकेशन कॉलेज से कुछ एक्सपर्ट और कुछ प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल को भी कमेटी में शामिल करेगा। कमेटी मेें सीबीएसई नॉमिनी और शिक्षा विभाग के भी कुछ अधिकारी होंगे। 

शहर में खोले जाएंगे एनसीईआरटी के बुक डिपो 

Private schools now will not sell expensive books
शहर में खोले जाएंगे एनसीईआरटी के बुक डिपो 
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की सभी किताबों पर रोक नहीं लगाई जाएगी। सिर्फ अनावश्यक महंगी किताबों पर रोक लगाई लगेगी। कमेटी महंगी किताबों के विकल्प पर भी मंथन करेगी। शिक्षा विभाग ने हाल ही में दिल्ली एनसीईआरटी अधिकारियों को शहर में 2-3 नए बुक डिपो खोलने के लिए चिट्ठी लिखी है। अभिभावकों को एनसीईआरटी किताबें पाने के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती है। शहर में इस समय सिर्फ एक प्राइवेट बुक डिपो के पास एनसीईआरटी की फ्रेंचाइजी है।  
  
शिक्षा विभाग द्वारा अभिभावकों से जो फीडबैक मिला,उसमें महंगी किताबों को हटाने की बात कही गई थी। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों के सिलेबर की किताबों की मॉनिटरिंग करने के लिए के कमेटी का गठन करेगा। सभी प्राइवेट और अन्य स्कूलों को दिसंबर तक सिलेबस की किताबों को अप्रूवल लेनी होगी। बाजार में किताबों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाएगा। 
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेश
 
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