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निजी स्कूल प्रबंधकों का ऐलान, ताला मंजूर लेकिन मुफ्त नहीं पढ़ाएंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 08 May 2016 05:45 PM IST
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हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों की ओर से नियम 134 ए के तहत गरीब बच्चों को दाखिला न देने और गैर कानूनी तरीके से बढ़ाई जा रही फीस को उचित ठहराकर स्कूल बंद किए की निंदा की है। मंच ने इसे चोरी और सीनाजोरी करार देते हुए सरकार से प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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शुक्रवार को जारी एक प्रैस बयान में मंच के राज्य सरक्षक सुभाष लाम्बा, प्रधान ओमप्रकाश शर्मा व महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा की प्राईवेट स्कूल प्रबन्धक न तो सीबीएसई के नियमों को मानने को तैयार है ओर न ही हरियाणा सरकार के कानून को मान रहे हैं।
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उन्होंने सरकार से हरियाणा एजूकेशन एक्ट-1995 व शिक्षा नियमावली-2003 का सख्ती से पालन करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के दबाव में पूर्व सरकार ने जस्टिस आनंद की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। उस कमेटी ने प्राइवेट स्कुलों की मनमानी पर नकेल डालने की तैयारी की लेकिन भाजपा सरकार ने आते ही उस कमेटी को भंग कर दिया और डिविजनल कमीश्नरों की अध्यक्षता में कमेटी बनाई, जो स्कूलों की शिकायतों की सुनवाई करेगी।
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उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने निजी स्कूलों के दबाव में गरीब बच्चों का कोटा 25 से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद भी प्राइवेट स्कूल इसे लागू करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मूक दर्शक बन कर उनका समर्थन कर रही है।