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बड़ा फैसलाः चंडीगढ़ में अब दिल्ली की तर्ज पर निजी कंपनी करेगी बिजली सप्लाई, स्टाफ होगा एडजस्ट
Tue, 30 Jul 2019 11:00 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 30 Jul 2019 11:00 AM IST
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फाइल फोटो
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अगर सब कुछ सही चला तो अगस्त माह के आखिर तक चंडीगढ़ में बिजली की सप्लाई का पूरा काम निजी कंपनी शुरू कर देगी। इसके लिए यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने यूटी प्रशासन के इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट को कंसल्टेंट अप्वाइंट करने के निर्देश दिए हैं। 2.19 लाख कंज्यूमर्स को 24 घंटे बेहतर सुविधा देने केलिए दिल्ली की तर्ज पर यहां भी पॉवर सप्लाई का काम निजी कंपनी शुरू कर देगी।
चंडीगढ़ जैसे शहर में भी बिजली की समस्या से कंज्यूमर्स को दो चार होना पड़ता है। बारिश में मौसम और तेज हवाओं केचलने के साथ ही शहर में बिजली की ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। सिटी के लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए यूटी प्रशासन ने बिजली विभाग को प्राइवेट करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा दिया है।
प्रशासन के एक अफसर का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अगस्त माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद शहर की सप्लाई निजी कंपनी के तहत शुरू हो जाएगी। अफसर का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी। वहीं, पॉवर एफिशिएंसी बढ़ेगी, मीटर रीडिंग और बिलिंग की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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चंडीगढ़ जैसे शहर में भी बिजली की समस्या से कंज्यूमर्स को दो चार होना पड़ता है। बारिश में मौसम और तेज हवाओं केचलने के साथ ही शहर में बिजली की ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। सिटी के लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए यूटी प्रशासन ने बिजली विभाग को प्राइवेट करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ा दिया है।
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प्रशासन के एक अफसर का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अगस्त माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद शहर की सप्लाई निजी कंपनी के तहत शुरू हो जाएगी। अफसर का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी। वहीं, पॉवर एफिशिएंसी बढ़ेगी, मीटर रीडिंग और बिलिंग की समस्या भी दूर हो जाएगी।
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इंप्लाइज होंगे एडजस्ट
यूटी के इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट में तकरीबन 1700 पद हैं, जिनमें करीब एक हजार पदों पर ही इंप्लाइज कार्यरत हैं। पावर सप्लाई का काम करने वाली निजी कंपनी इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के इंप्लाइज को भी अपनी जरूरत के अनुसार एडजस्ट करेगी, जो इंप्लाइज रिटायरमेंट लेना चाहेंगे, उन्हें रिटायर कर दिया जाएगा। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि निजीकरण के बाद किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि बहुत से इंप्लाइज कांट्रैक्ट बेस पर भी कार्य कर रहे हैं।
हर साल 640 करोड़ की खरीदी जाती है बिजली
यूटी प्रशासन हर साल 640 करोड़ रुपये की बिजली मार्केट से खरीदता है। शहर में इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के कुल 2.19 लाख कंज्यूमर्स हैं। जिनमें 1.75 लाख डोमेस्टिक और बाकी कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल कैटेगरी के हैं।
सीजन के मुताबिक होती है खपत
चंडीगढ़ में रोजाना करीब 400 मेगावाट बिजली की खपत होती है। सीजन के हिसाब से यह खपत घटती-बढ़ती रहती है। इस साल बिजली खपत नए रिकॉर्ड 462 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।
हर साल 640 करोड़ की खरीदी जाती है बिजली
यूटी प्रशासन हर साल 640 करोड़ रुपये की बिजली मार्केट से खरीदता है। शहर में इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के कुल 2.19 लाख कंज्यूमर्स हैं। जिनमें 1.75 लाख डोमेस्टिक और बाकी कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल कैटेगरी के हैं।
सीजन के मुताबिक होती है खपत
चंडीगढ़ में रोजाना करीब 400 मेगावाट बिजली की खपत होती है। सीजन के हिसाब से यह खपत घटती-बढ़ती रहती है। इस साल बिजली खपत नए रिकॉर्ड 462 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।