पंजाबः नीतीश कुमार की तुलना गुरु साहिबान से करने पर अवतार सिंह हित तनखईया घोषित
बिहार के सीएम नीतीश कुमार की तुलना गुरु साहिबान से करने के आरोप में श्री अकाल तख्त साहिब तलब किए गए तख्त श्री पटना साहिब के अध्यक्ष अवतार सिंह हित को तनखईया घोषित कर दिया गया। श्री अकाल तख्त साहिब की ड्योढ़ी में खड़े होकर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अवतार सिंह हित को धार्मिक सजा सुनाई।
इन सजाओं में श्री हरमंदिर साहिब पटना साहिब में सात दिन एक-एक घंटा संगत के जोड़े साफ करने, बर्तन मांजने के साथ कीर्तन श्रवण करने, पांच दिन श्री हरमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब में एक-एक घंटा संगत के जोड़े साफ करने, बर्तन मांजने के साथ कीर्तन श्रवण करने और सेवा के दौरान दोनों पवित्र अस्थानों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की हाजिरी भर कर हुकमनामा श्रवण करना शामिल है।
इसके अलावा सेवा पूरी होने के बाद अवतार सिंह हित एक-एक श्री अखंड साहिब के पाठ करवा कर बानी श्रवण करेंगे। दोनों पावन अस्थानों में 5100-5100 रुपये की कड़ाह प्रशाद की देग करा क्षमा-याचना के लिए अरदास करेंगे।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आदेश दिए कि जब तक अवतार सिंह हित श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा लगाई गई धार्मिक सजा को पूरा नहीं कर लेते तब तक वह किसी भी धार्मिक स्टेज से बोल नहीं सकेंगे, न ही पटना साहिब के प्रबंध कामों को देख सकेंगे। हित द्वारा की जा रही सेवा के दौरान एसजीपीसी या पटना कमेटी का कोई भी कर्मचारी उनकी मदद नहीं करेगा। हित को निर्देश दिए गए कि सेवा के दौरान वे अपने साथ चापलूसों की भीड़ न जमा करें।
मुझसे बड़ी गलती हुई : हित
मीडिया से बातचीत में हित ने स्वीकार किया कि उन्होंने नीतीश कुमार की तुलना गुरु साहिब से कर बज्र गुनाह किया है। नीतीश कुमार ने बिहार के सिखों के लिए बहुत काम किए हैं। 500 करोड़ की जमीन गुरुद्वारा साहिब को मुफ्त दी है। ऐसे में वह भावुक होकर यह गलती कर गए। भविष्य में वह कभी ऐसी गलती नहीं करेंगे।
श्री अकाल तख्त द्वारा लगाई धार्मिक सजा को स्वीकार करते हुए हित ने कहा कि वह इस इलाही हुकम के आगे नतमस्तक हैं। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार से श्री हरमंदिर साहिब में सेवा शुरू कर देंगे।
हित दूसरी बार तनखईया घोषित किए गए
अवतार सिंह हित को अकाल तख्त साहिब से दूसरी बार धार्मिक सजा मिली है। जून 1997 में तत्कालीन जत्थेदार भाई रंजीत सिंह ने दिल्ली दंगों के गवाह बीबी दर्शन कौर के साथ किए दुर्व्यवहार के कारण हित को तनखईया घोषित किया गया था। श्री अकाल तख्त के हुकमनामे के बाद हित ने अपनी जायदाद दिल्ली कमेटी को सौंप दी थी।
18 साल बाद बहाल हुई गुरु मर्यादा
लगभग 18 साल के बाद सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब में पंथक मर्यादा बहाल हो गई। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हित को धार्मिक सजा सुनाने से पहले पांच सिंह साहिब की मीटिंग श्री अकाल तख्त साहिब में की। इससे पहले जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती और ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पांच सिंह साहिबान की बैठक अपने दफ्तर में करने का सिलसिला शुरू कर दिया था। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हित को सजा सुनाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जबकि यह व्यवस्था खत्म हो चुकी थी।