नए साल में पंजाब कैबिनेट के विस्तार की तैयारी, लेकिन नहीं होगा डिप्टी सीएम का पद
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पंजाब मंत्रिमंडल में मंत्रियों की खाली पड़ी सीटें जल्द भरने की तैयारी शुरु हो गई है। नए साल के पहले महीने में नए मंत्रियों के साथ-साथ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल होने जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व की तैयारियों में बीते तीन-चार माह तक व्यस्त रही सरकार के कामकाज में अब तेजी लाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अगले महीने अपनी कैबिनेट के खाली पदों को भरने का मन बना चुके हैं। हालांकि यह भी साफ हो गया है कि राज्य में उप मुख्यमंत्री का पद नहीं होगा। दरअसल, पंजाब कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं और विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर बार-बार सवाल उठाए जा रहे हैं।
सवाल उठाने वाले ज्यादातर नेता, पार्टी और सरकार में सम्मानजनक ओहदा या मंत्री पद पाने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा इनमें से छह विधायकों को अपना राजनीतिक सलाहकार लगाकर असंतोष को कम करने की कोशिश तो की गई लेकिन मामला पूरी तरह शांत नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों के अनुसार, सरकार में अहम स्थान नहीं हासिल कर सके कई विधायकों को जनवरी में मंत्री पद के अलावा कई दूसरे बड़े ओहदे संभालने की तैयारी कर ली गई है। वहीं, मौजूदा मंत्रियों की कारगुजारी के हिसाब से उनके विभागों में फेरबदल भी होगा, हालांकि किसी मौजूदा मंत्री को कैबिनेट से बाहर किए जाने के आसार नहीं हैं।
दूसरी ओर, मंत्री पद के चाहवान विधायकों ने चंडीगढ़ से दिल्ली तक भागदौड़ शुरु कर दी है। कुछ विधायक जहां कैप्टन अमरिंदर सिंह से बार-बार मिल रहे हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो पार्टी आलाकमान के जरिए प्रदेश कांग्रेस और मुख्यमंत्री पर दबाव बनाने में जुट गए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के मंत्री पद छोड़ने के बाद कैबिनेट में तीन पद खाली हैं, जिन्हें लेकर मालवा और माझा के कई विधायक सक्रिय हैं।
पंजाब वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के कैबिनेट रैंक वाले चेयरमैन पद पर विराजमान राजकुमार वेरका मंत्रिमंडल में आने की बार-बार इच्छा जताते रहे हैं। वहीं पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह के बारे में भी कहा जा रहा है कि वे भी कैबिनेट मंत्री का ओहदा हासिल करना चाहते हैं जबकि एक मौजूदा मंत्री ने अपनी सेहत का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उन्हें स्पीकर का ओहदा दे दिया जाए।
इनके अलावा, शाम चौरासी, जंडियाला गुरु और गिल हलके के कांग्रेस विधायक मंत्री पद के चाहवान नेताओं की कतार में हैं। वहीं, जिन छह विधायकों को मुख्यमंत्री का राजनीतिक सलाहकार लगाया गया है, उनमें से भी तीन विधायक मंत्री पद के इच्छुक हैं और वे सलाहकार की जगह कैबिनेट मंत्री बनना चाहते हैं।