फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Pregnant women and more than 50 year old employees will work from home in Haryana

कोरोना: हरियाणा में गर्भवती महिलाएं और 50 साल से ऊपर के कर्मी घर रहेंगे, 22 को बसें रहेंगी बंद

Sat, 21 Mar 2020 09:33 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 21 Mar 2020 09:33 AM IST
विज्ञापन
Pregnant women and more than 50 year old employees will work from home in Haryana
गृह मंत्री अनिल विज

कोरोना से बचाव के लिए हरियाणा सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। 50 साल से अधिक आयु, गर्भवती महिलाओं व अस्वस्थ कर्मचारियों को घर से ही काम करना होगा। मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी सरकारी विभागों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकारी कार्यालयों व सचिवालय में पब्लिक डीलिंग पर रोक लगा दी गई है। बेहद जरूरी मामलों में ही अफसर जनता से मिलेंगे। सभी कार्यालय लोगों को कार्यों के लिए टेलीफोन नंबर मुहैया कराएंगे। जनता अगले आदेश तक उनके जरिए ही काम व समस्याओं के लिए संपर्क करेगी।

विज्ञापन


मुख्य सचिव के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, डीसी, एसपी इत्यादि को जारी निर्देशों अनुसार जरूरी स्टाफ ही कार्यालय में मौजूद रहेगा। बीमार कर्मी, गर्भवती महिला कर्मी व 50 साल से ऊपर के कर्मी घर से ही काम निपटाएंगे। वह मुख्यालय छोड़कर नहीं जाएंगे। विभाग अध्यक्ष के बुलाने पर उन्हें कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।
विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि इस समय कोरोना की टेस्टिंग के लिए दो लैब काम कर रही हैं। दो और मेडिकल कॉलेज में लैब की जरूरत केंद्र सरकार को भेजी गई है। ऐसा कोई भी आदमी नहीं है जो ट्रेस न हुआ हो, हमारे पास सब की पूरी जानकारी उपलब्ध है, जो विदेश से हरियाणा में आए हैं, उनको होम कोरोंटाइन किया गया है। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

ओपीडी सेवाएं दो शिफ्ट में बांट दी गई हैं

108 नंबर पर कोई भी फोन कर विदेश से आए लोगों की जानकारी दे सकता है। ओपीडी सेवाएं दो शिफ्ट में बांट दी गई हैं, सुबह और शाम की शिफ्ट में ओपीडी चलती रहेंगी। राज्य में 2427 बेड आइसोलेशन के लिए रिजर्व किए गए हैं। 6013 बेड कॉरोंटाइन के लिए हैं। खाद्य पदार्थों की जमाखोरी न करने के निर्देश दिए गए हैं। जमाखोरों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। गृह मंत्री अनिल विज व परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने साफ कर दिया है कि कोई भी प्रदेश में खाद्य पदार्थों की जमाखोरी न करे। जमाखोरों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा।

मूलचंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा में से एक पुलिस वाहन को हटा दिया है और 4 पुलिसकर्मी फ्री कर दिए हैं। कोरोना वायरस के चलते अतिरिक्त सुरक्षा छोड़ दी है। वायरस के फैलने के खतरे के चलते उन्होंने लोगों से कार्यालय न आने की अपील की है। वह फोन पर ही जनता की सुनवाई करेंगे। कोरोना के मद्देनजर हरियाणा रोडवेज की सभी बसों में नियमित सफाई की जा रही है। बसों को सैनेटाइज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर इस रविवार को जनता कर्फ्यू सफल रहेगा।

रोडवेज की सभी बसों का संचालन बंद
22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक रोडवेज की सभी बसों का संचालन बंद रहेगा। उन्होंने डिपो महाप्रबंधकों से सवारियों की उपलब्धता को देखते हुए मार्ग पर जाने वाली बसों में कटौती करने व आगामी आदेश तक सभी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों को भी बंद करने को कहा है। बसों का संचालन बंद करने का फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि कम से कम लोग एक-दूसरे के संपर्क में आएं। 

परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि इस महामारी के दृष्टिगत कार्यालयों, बस अड्डों व कार्यशालाओं की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। समय-समय पर इनको कीटाणु मुक्त कर रहे हैं। बसों को भी पूरी साफ-सफाई व सैनेटाइजेशन के बाद ही रूटों पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कार्यालयों के सभी कर्मचारियों, चालकों और परिचालकों को मास्क उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए हैं।

रोडवेज बसें बंद करने के लिए कर्मचारी लामबंद

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी बसों को बंद करने के लिए लामबंद हो गए हैं। रोडवेज यूनियनों ने सरकार कर्मचारियों को बचाव राहत सामग्री व जोखिम भत्ता देने की मांग की है। 18600 रोडवेज कर्मचारियों ने हालात सामान्य होने तक बस सेवा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने कहा है कि 22 मार्च को बसें बंद रखने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन एक दिन में कोरोना वायरस की महामारी समाप्त होने वाली नहीं। हालात सामान्य होने तक कर्मचारियों व जनता को बचाने के लिए बसें बंद रखनी चाहिए। कर्मचारियों में कोरोना वायरस से भय का वातावरण है।

कर्मचारी दूर दराज से आने वाले यात्रियों को जान जोखिम में डाल कर गंतव्य स्थान तक पहुंचा रहे हैं। अभी तक सरकार सभी चालक परिचालकों, कार्यालय व कर्मशाला कर्मचारियों को मास्क व अन्य बचाव राहत सामग्री उपलब्ध नहीं करवा पाई है। सभी रोडवेज कर्मचारियों को प्रति माह तुरंत 5000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए।

उन्होंने हरियाणा  सरकार को आगाह करते हुए कहा कि सरकार अगर जनता को बेहतर परिवहन सेवा देना चाहती है तो किलोमीटर स्कीम के तहत प्राइवेट बसें ठेके पर लेने का निर्णय रद्द कर विभाग में 14 हजार सरकारी बसें शामिल करें ताकि आम जनता व छात्र-छात्राओं को सुरक्षित परिवहन सेवा मिलने के साथ 84 हजार बेरोजगारों को स्थायी रोजगार मिल सकें।

उन्होंने निजीकरण का विरोध करने वाले कर्मचारियों के तबादले करने की निंदा की है। पूनिया ने कहा कि दमन से कभी आंदोलन नहीं रुकेगा, निजीकरण बंद करने व कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने से ही आंदोलन रुक सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed