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Chandigarh: लेक पर तमिल समुदाय ने की माता करुमरीअम्मन की पूजा, भव्य शोभायात्रा का आयोजन
Sun, 07 Aug 2022 04:12 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 07 Aug 2022 04:12 PM IST
सार
इस पूजा उत्सव में लोगों द्वारा मानी गई मन्नतें पूरी होने पर लंबी त्रिशूल मुंह के आर पार करके व लड़कियों की मन्नतें पूरी होने पर एक फीट की त्रिशूल मुंह के आर पार करके और कुछ भक्त पीठ में कुंडा लगवाकर रथ खींचकर माता के मंदिर तक जाते हैं।
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चंडीगढ़ में पूजा करते तमिल समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के सामने लेक पर रविवार को तमिल समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर शीतला माता (माता करुमरीअम्मन) की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर विशाल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भक्तों ने मन्नतें पूरी होने पर त्रिशूल मुंह के आर पार कराया, कुंडे लगवाकर रथ खींचे और अग्नि परीक्षा दी। इसका आयोजन श्री शीतला माता धर्म मंदिर फेज-2 बापूधाम सेक्टर-26 की ओर से किया जाता है।
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मंदिर के प्रधान आइनार ने बताया कि यह पूजा सावन के महीने में रविवार के दिन की जाती है। यह पूजा उत्सव दक्षिण भारत के तमिल समुदाय के लोग मनाते हैं। इसमें सभी धर्मों व जाति के लोग शामिल होते हैं। शाम को झील से शोभायात्रा निकाली गई जो ग्रेन मार्केट सेक्टर-26 होते हुए बापूधाम फेज- 2 स्थित शीतला मंदिर पहुंची। इससे पहले झील पर भक्तों ने मन्नतें पूरी होने पर कई फीट लंबे त्रिशूल मुंह के आर पार कराया।
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इस पूजा उत्सव में लोगों द्वारा मानी गई मन्नतें पूरी होने पर लंबी त्रिशूल मुंह के आर पार करके व लड़कियों की मन्नतें पूरी होने पर एक फीट की त्रिशूल मुंह के आर पार करके और कुछ भक्त पीठ में कुंडा लगवाकर रथ खींचकर माता के मंदिर तक जाते हैं।
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शाम को 11 फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा अग्नि कुंड बनाकर इसमें 11 क्विंटल लकड़ी जलाकर अग्निकुंड बनाया जाता है। भक्त जन नंगे पैर अग्नि परीक्षा देते हैं। आइनार ने बताया कि भक्त 11 या 21 दिन नंगे पैर चलते हैं। शाम को एक समय सादा भोजन कर व्रत का पालन करते हैं। आइनार का कहना कि भक्त मन्नतों के बारे में कुछ नहीं बताते। उन्होंने बताया कि मंगलवार को भंडारे का आयोजन होगा।