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Hindi News ›   Chandigarh ›   Pratap Singh Bajwa Position Review in Punjab Congress

कहने को कांग्रेस प्रधान, अपना कोई नहीं

Fri, 08 Aug 2014 01:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 08 Aug 2014 01:40 PM IST
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Pratap Singh Bajwa Position Review in Punjab Congress

वर्चस्व की जंग लड़ रहे प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के अपने भी वक्त आने पर बेगाने हो गए। सूबे के अधिकतर विधायक पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ थे।

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लेकिन प्रदेश प्रधान बनने के बाद बाजवा ने जिन लोगों को जिला प्रधानगी देकर नवाजा था, मुश्किल वक्त में वे भी साथ छोड़ गए। बाजवा समर्थक कई विधायकों ने भी पाला बदल लिया।

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मुश्किल वक्त में अपने साथ छोड़ गए बाजवा का

Pratap Singh Bajwa Position Review in Punjab Congress

विधानसभा चुनाव-2012 में कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेश प्रधान थे। टिकट वितरण भी उनके मुताबिक ही हुआ था। लिहाजा जीतने वाले विधायकों में ज्यादा संख्या में लोग उनके खेमे के थे। 2013 में प्रताप बाजवा को प्रदेश प्रधान बनाया गया।

उसके बाद बाजवा ने अपनी कार्यकारिणी गठित की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बाजवा को फ्रीहैंड दिया। बाजवा ने अपनी मर्जी से प्रदेश कार्यकारिणी गठित की। अपने ही मुताबिक जिला प्रधान बनाए।

बाद में इसका काफी विरोध भी हुआ था। लेकिन सारा विरोध झेल कर जिन लोगों को बाजवा ने अपनी टीम में शामिल किया था, वे ही मुश्किल वक्त में उनका साथ छोड़ गए।

कैप्टन-बाजवा में चल रहा शक्ति प्रदर्शन

Pratap Singh Bajwa Position Review in Punjab Congress

इस समय प्रदेश कांग्रेस में उपचुनाव के नाम पर कैप्टन और बाजवा के बीच भी शक्ति प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे नाजुक वक्त पर बाजवा के लोग साथ छोड़ कर कैप्टन गुट में चले गए।

इनमें जालंधर के दोनों प्रधान राजिंदर बेरी व जगबीर बराड़, अमृतसर देहाती प्रधान गुरजीत औजला, लुधियाना के दोनों प्रधान पवन दीवान व मलकीत दाखा, होशियारपुर के सुंदर शाम अरोड़ा, कपूरथला के नवतेज चीमा शामिल हैं।

ये सभी लोग पटियाला चुनावी मीटिंग में शामिल हुए। बाजवा के साथ चलने वाले कुलजीत नागरा, चरनजीत चन्नी, भारत भूषण आशू, बलबीर सिद्धू जैसे विधायक भी पटियाला पहुंचे।

सतनाम कैंथ व साधू सिंह धरमसोत को बाजवा ने प्रदेश महासचिव बनाया, वे भी तलवंडी साबो के बजाय पटियाला चुनाव में डट गए। मोहिंदर सिंह केपी का ग्रुप भी पटियाला पहुंचा।

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करीबियों को किया था दरकिनार

Pratap Singh Bajwa Position Review in Punjab Congress

प्रताप बाजवा ने पद बांटते समय अपने करीबियों को दरकिनार कर दूसरे गुटों केलोगों को अपना बनाने की कोशिश की। जगबीर बराड़ को कैप्टन पार्टी में लाए थे, बाजवा ने प्रधान बनाया, अब वह फिर कैप्टन के साथ हो लिए। इसी तरह मनीष तिवारी गुट के पवन दीवान पद दिया। पर इन्होंने मौके पर बाजवा का साथ नहीं दिया।

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