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चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना पर छाया संकट, प्रशासन की अपील- कम कर दीजिए टारगेट
Wed, 23 Oct 2019 12:08 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 23 Oct 2019 12:08 PM IST
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प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत गरीबों को घर देने की योजना चंडीगढ़ में अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई है। अब इस प्रोजेक्ट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन को मार्च 2022 तक पीएमएवाई के तहत 12,900 मकान बनाने थे, लेकिन प्रशासन ने इतने मकान बनाने में अपनी असर्मथता जाहिर कर दी है।
इस टारगेट को कम करने के लिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर भर में करीब सवा लाख लोगों ने आवेदन किए था, जिनमें से प्रशासन ने छंटनी के दौरान 10,132 लोगों को सफल पाया और शेष बचे आवेदन को खारिज कर दिया।
साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी शहर में एक भी फ्लैट तो दूर अभी तक जमीन को लेकर उलझन बनी हुई है, जिसकी वजह से उन्होंने लेटर में कहा है कि मार्च 2022 तक वह 12,900 मकानों का टारगेट पूरा नहीं कर पाएंगे, इसलिए इसे कम कर 4000 किया जाए। चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 सितंबर 2019 को भी एक पत्र लिखा था, जिसमें योजना से संबंधित मांगें रखी गई थीं, लेकिन केंद्र से कोई रिस्पांस नहीं मिलने के बाद दोबारा लेटर लिखा गया है।
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कम रेट पर जमीन देने से पहले ही केंद्र कर चुका है मना
चंडीगढ़ प्रशासन ने बीते साल केंद्र को पत्र भेजकर पीएमएवाई प्रोजेक्ट के लिए 3.1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के रेट पर जमीन की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने प्रशासन की मांग को ठुकराते हुए जमीन को मार्केट रेट से कम पर देने से इंकार कर दिया। शहर में जमीन का मार्केट रेट 35 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। ऐसे में अब प्रशासन ने जमीन लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के निर्देश पर सीएचबी ने करीब ढाई साल पहले गरीबों को घर देने के लिए पीएमएवाई प्रोजेक्ट शुरू किया था।
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इस टारगेट को कम करने के लिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर भर में करीब सवा लाख लोगों ने आवेदन किए था, जिनमें से प्रशासन ने छंटनी के दौरान 10,132 लोगों को सफल पाया और शेष बचे आवेदन को खारिज कर दिया।
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साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी शहर में एक भी फ्लैट तो दूर अभी तक जमीन को लेकर उलझन बनी हुई है, जिसकी वजह से उन्होंने लेटर में कहा है कि मार्च 2022 तक वह 12,900 मकानों का टारगेट पूरा नहीं कर पाएंगे, इसलिए इसे कम कर 4000 किया जाए। चंडीगढ़ प्रशासन ने 20 सितंबर 2019 को भी एक पत्र लिखा था, जिसमें योजना से संबंधित मांगें रखी गई थीं, लेकिन केंद्र से कोई रिस्पांस नहीं मिलने के बाद दोबारा लेटर लिखा गया है।
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कम रेट पर जमीन देने से पहले ही केंद्र कर चुका है मना
चंडीगढ़ प्रशासन ने बीते साल केंद्र को पत्र भेजकर पीएमएवाई प्रोजेक्ट के लिए 3.1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के रेट पर जमीन की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने प्रशासन की मांग को ठुकराते हुए जमीन को मार्केट रेट से कम पर देने से इंकार कर दिया। शहर में जमीन का मार्केट रेट 35 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है। ऐसे में अब प्रशासन ने जमीन लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के निर्देश पर सीएचबी ने करीब ढाई साल पहले गरीबों को घर देने के लिए पीएमएवाई प्रोजेक्ट शुरू किया था।