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पटियाला: बिजली कटौती से सरकारी स्कूल भी बेहाल, पंखे बंद, गर्मी में पढ़ रहे नौनिहाल

Sat, 23 Apr 2022 01:43 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sat, 23 Apr 2022 01:43 AM IST
सार

जिला शिक्षा अधिकारी (सीनियर सेकेंडरी) हरिंदर कौर ने माना कि गांवों में बिजली के लंबे कटों से स्कूलों में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं के सीजन में बिजली की तारों में शार्ट सर्किट से फसलों को आग लगने की घटनाओं से बचाने के लिए कट लगाए जा रहे हैं।

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Power crisis in government schools of Patiala
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब में बिजली किल्लत का असर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों पर पड़ने लगा है। घंटों की बिजली कटौती में बच्चों को भीषण गर्मी में बिना पंखों के कक्षाओं में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। बाहर कड़ी धूप होने के कारण अध्यापक स्कूलों के प्रांगण में कक्षा नहीं लगा सकते। वहीं प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा और कम्युनिकेशन स्किल्स पैदा करने के उद्देश्य से स्थापित लिसनिंग लैब भी बंद पड़ी है। 

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इन दिनों आठवीं की बोर्ड परीक्षा भी जारी है। बिजली के लंबे कट लगने के कारण इन बच्चों को गर्मी में ही तीन घंटे बैठकर परीक्षा देनी पड़ रही है। अध्यापक संगठनों ने पंजाब सरकार से सभी स्कूलों में जनरेटर व इनवर्टर की सुविधा देने की मांग की है।
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पटियाला के गांव करहाली स्थित सरकारी हाईस्कूल के गणित अध्यापक गगन राणू ने अमर उजाला से बात की और कहा कि छह अप्रैल से नया शिक्षण सत्र शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक तकरीबन रोजाना ही बिजली के कट लग रहे हैं। स्कूल लगने का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक का है। इस दौरान कभी-कभार ही घंटे-डेढ़ घंटे बिजली रहती है। बिना पंखों के बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है, क्योंकि बाहर धूप में तो बिठा नहीं सकते। बिजली न होने से खासतौर से छोटे बच्चे काफी परेशान होते हैं। सरकार को इस संबंध में जल्द कदम उठाना चाहिए।

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डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब के प्रदेश प्रधान एवं सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल मटोरड़ा में विज्ञान अध्यापक विक्रम देव सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लिसनिंग लैब स्थापित की हैं लेकिन यह लैब भी बिजली के न होने से बंद पड़ी हैं। इन लैब में उपलब्ध कंप्यूटरों को हेडफोन से जोड़कर छठी से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी पढ़ाया जाता है। सरकार को जनरेटर या इनवर्टर की सुविधा मुहैया कराना चाहिए। 

डीटीएफ के महासचिव मुकेश कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली की तर्ज पर पंजाब के स्कूलों में सुधार लाने का दावा किया था। लेकिन अभी तक स्कूलों में पूरी किताबें नहीं पहुंची हैं। साथ ही बच्चों को बिजली के लंबे कटों के कारण भी परेशान होना पड़ रहा है। 

गेहूं के सीजन के कारण लग रहे हैं लंबे कट, जल्द दिक्कत दूर होगी: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी (सीनियर सेकेंडरी) हरिंदर कौर ने माना कि गांवों में बिजली के लंबे कटों से स्कूलों में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं के सीजन में बिजली की तारों में शार्ट सर्किट से फसलों को आग लगने की घटनाओं से बचाने के लिए कट लगाए जा रहे हैं। अब कटाई लगभग हो चुकी है, इसलिए समस्या जल्द दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में जनरेटर हैं।

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