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Chandigarh News: आईरियो वाटरफ्रंट में विला की पजेशन नहीं मिली, रेरा ने 40 लाख लौटाने के दिए आदेश
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मोहाली। पंजाब रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने आईरियो वाटरफ्रंट के एक मामले में बिल्डर को 40 लाख रुपये की जमा राशि वापस करने का आदेश दिया है। यह राशि 10.80 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ खरीदार को लौटाई जाएगी। रेरा ने स्पष्ट किया कि खरीदार भुगतान संबंधी शर्तों का पालन नहीं कर सका। इसलिए उसे विला का कब्जा नहीं मिलेगा, लेकिन उसकी जमा राशि वापस की जानी है। शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2022 में रेरा के समक्ष शिकायत दायर की थी। उसने वर्ष 2014 में आईरियो वाटरफ्रंट में विला नंबर 566, टाइप एल बुक किया था। इसका बिल्टअप एरिया 1600 वर्ग फुट था। कुल कीमत 1,30,48,522 रुपये तय हुई थी। 30 जून 2014 को बिल्डर-बायर समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार, 30 जून 2016 तक विला का कब्जा दिया जाना था। शिकायतकर्ता ने 29 मई 2015 तक बिल्डर को 40 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। हालांकि, उसे विला का कब्जा नहीं दिया गया। बिल्डर ने रेरा में दलील दी कि खरीदार ने दूसरी किस्त का पूरा भुगतान नहीं किया था।
बिल्डर की दलीलें और रेरा के निष्कर्ष
बिल्डर ने बताया कि 33.75 लाख रुपये की दूसरी किस्त 11 नवंबर 2014 तक जमा होनी थी। लेकिन शिकायतकर्ता ने 29 मई 2015 तक केवल 30 लाख रुपये जमा किए। भुगतान न होने पर 18 फरवरी 2016 को विला का आवंटन रद्द कर दिया गया था। रेरा ने पाया कि संबंधित पॉकेट के लिए आंशिक कंप्लीशन सर्टिफिकेट 29 नवंबर 2017 को जारी हुआ था। यह तारीख समझौते में तय कब्जे की तारीख 30 जून 2016 के बाद की है।
ब्याज सहित 40 लाख रुपये की वापसी
रेरा ने शिकायत को कब्जे के संबंध में खारिज कर दिया। हालांकि, बिल्डर को 40 लाख रुपये की जमा राशि वापस करने का आदेश दिया गया। आईरियो रिवरफ्रंट प्राइवेट लिमिटेड और एआईपीएल हाउसिंग एंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड संयुक्त रूप से राशि लौटाने के लिए जिम्मेदार होंगे। 40 लाख रुपये पर भुगतान की तारीख से रिफंड तक 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। यह दर एसबीआई की 8.80 प्रतिशत एमसीएलआर में दो प्रतिशत जोड़कर निर्धारित की गई है।
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बिल्डर की दलीलें और रेरा के निष्कर्ष
बिल्डर ने बताया कि 33.75 लाख रुपये की दूसरी किस्त 11 नवंबर 2014 तक जमा होनी थी। लेकिन शिकायतकर्ता ने 29 मई 2015 तक केवल 30 लाख रुपये जमा किए। भुगतान न होने पर 18 फरवरी 2016 को विला का आवंटन रद्द कर दिया गया था। रेरा ने पाया कि संबंधित पॉकेट के लिए आंशिक कंप्लीशन सर्टिफिकेट 29 नवंबर 2017 को जारी हुआ था। यह तारीख समझौते में तय कब्जे की तारीख 30 जून 2016 के बाद की है।
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ब्याज सहित 40 लाख रुपये की वापसी
रेरा ने शिकायत को कब्जे के संबंध में खारिज कर दिया। हालांकि, बिल्डर को 40 लाख रुपये की जमा राशि वापस करने का आदेश दिया गया। आईरियो रिवरफ्रंट प्राइवेट लिमिटेड और एआईपीएल हाउसिंग एंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड संयुक्त रूप से राशि लौटाने के लिए जिम्मेदार होंगे। 40 लाख रुपये पर भुगतान की तारीख से रिफंड तक 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। यह दर एसबीआई की 8.80 प्रतिशत एमसीएलआर में दो प्रतिशत जोड़कर निर्धारित की गई है।
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