पंजाब: करतारपुर कॉरिडोर पर डीजीपी के बयान पर राजनीतिक भूचाल, विपक्ष ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
- आप, शिअद समेत सभी दलों ने मांगा सरकार से स्पष्टीकरण
- स्पष्टीकरण न मिला तो विधानसभा में करेंगे प्रदर्शन: मजीठिया
- डीजीपी पर कार्रवाई नहीं तो रोकेंगे सदन में कामकाज: आप
विस्तार
पंजाब पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता द्वारा करतारपुर कॉरिडोर को लेकर दिए गए एक बयान से राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। डीजीपी के बयान के विरोध में शिअद, अकाली दल टकसाली, आम आदमी पार्टी के साथ ही सियासी नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उधर, तीखी होती बयानबाजी के बीच डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बयान जारी कर सफाई दी कि उनके बयान को गलत समझा जा रहा है, बल्कि जानबूझकर गलत समझा जा रहा है।
एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए डीजीपी ने करतारपुर कॉरिडोर से एंट्री फ्री किए जाने पर एतराज जताते हुए कहा था कि करतारपुर जाने वाले श्रद्धालु वहां छह घंटे रुकते हैं और इस दौरान किसी को भी आतंकवाद का पाठ पढ़ाया जा सकता है और बम बनाने की ट्रेनिंग भी दी जा सकती है। डीजीपी के बयान का कड़ा विरोध करते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उनका बयान कांग्रेस की एंटी-सिख सोच को दर्शाता है।
दोपहर बाद चंडीगढ़ में अकाली दल ने आनन फानन में प्रेस वार्ता बुलाई। पार्टी के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने डीजीपी के बयान की निंदा करते हुए कहा कि अब तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर चुके हैं। पुलिस प्रमुख को बताना चाहिए कि अब तक कितने आतंकवादी बनकर आए हैं।
आम आदमी पार्टी के विधायक अमन अरोड़ा ने भी बयान की निंदा करते हुए कहा कि डीजीपी के पास अगर ऐसा कोई इनपुट या कोई सूची है तो तुरंत उसे सार्वजनिक करें। मजीठिया ने कहा कि 24 घंटे के भीतर डीजीपी ने अगर स्पष्टीकरण नहीं दिया तो अकाली दल सोमवार को विधानसभा में इस मुद्दे प्रदर्शन करेगा।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने डीजीपी के बयान पर कहा कि श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के बाद सिख को आतंकी कहा जाता है तो 100 बार ऐसा आतंकी बनने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मक्का, हिंदू कटासराज, ईसाई येरुशलम में माथा टेकने के बाद आतंकवादी नहीं बनते, तो सिख कैसे बन जाएंगे।
भाजपा की बोली बोल रहे गुप्ता: आप
आप नेता हरपाल सिंह चीमा और कुलतार सिंह संधवा ने इसे सिख श्रद्धालुओं और गुरु नानक नामलेवा संगत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की साजिश बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से डीजीपी को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। चीमा ने कहा कि दिनकर गुप्ता भाजपा और आरएसएस की बोली बोल रहे हैं, जो देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ भाईचारक सांझ के लिए खतरा है। दोनों ने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि अगर डीजीपी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो आप विधायक विधानसभा का सत्र नहीं चलने देंगे।
डीजीपी की सफाई
पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बयान को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार शाम बयान जारी कर सफाई दी और अपने बयान को गलत समझे जाने या जानबूझ कर गलत समझाने पर गहरा रोष प्रकट किया उन्होंने कहा, ‘मैं श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन पर बहुत खुश हुआ, जिसने मेरे जैसे लाखों श्रद्धालुओं की दशकों पुरानी इच्छा पूरी की, जो गुरु श्री नानक देव जी और उनकी शिक्षाओं में विश्वास रखते हैं।
राज्य का डीजीपी होने के नाते मैं भरोसा दिलाता हूं कि हम श्री करतारपुर साहिब के पवित्र स्थान पर निर्विघ्न पहुंच की सुविधा पर काम जारी रखेंगे। गुप्ता ने यह भी कहा कि राज्य के डीजीपी के तौर पर उन्होंने राज्य की पुलिस को, जोकि सरहद पार से फंड और सहायता प्राप्त हिंसक आतंकवाद के विरुद्ध लगातार लड़ाई का सामना कर रही है, को चौकस रहने को कहा है।'
यह है मामला
शुक्रवार को एक अंग्रेजी अखबार के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने करतारपुर कॉरिडोर से श्रद्धालुओं की फ्री एंट्री पर सवाल उठाते हुए इसे सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक बताया था। उनका कहना था कि पाकिस्तान में कुछ ऐसे लोग हैं जो श्रद्धालुओं को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं और यही वजह भी है कि इतने सालों से इस कॉरिडोर को नहीं खोला जा रहा था।
वहां आईईडी बनाना सिखाया जा सकता है
डीजीपी ने आगे कहा था-करतारपुर में ऐसी क्षमता है कि अगर आप किसी साधारण शख्स को भी सुबह भेजते हैं तो शाम तक वो ट्रेंड आतंकवादी बनकर लौटता है। आप वहां छह घंटे तक रहते हैं। आपको वहां फायरिंग रेंज तक ले जाया जा सकता है। आपको वहां आईईडी बनाना सिखाया जा सकता है।
ये बड़ी चिंता की बात है और यही वजह है कि इसे इतने सालों तक नहीं खोला गया। मैं इंटेलिजेंस ब्यूरो में आठ साल तक था और इन चीजों को देखता था। हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। बाद में सिख समुदाय इसे खोलने की मांग करने लगा तो हमने उनका सपना पूरा किया। लिहाजा सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंडे बस्ते में डाल दिया।
सिखों को बदनाम करने की साजिश: एसजीपीसी
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने डीजीपी दिनकर गुप्ता की ओर से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के कॉरिडोर को आतंकवाद के साथ जोड़ने की सख्त शब्दों में निंदा की है। करतारपुर कॉरिडोर भारत-पाकिस्तान को आपस में जोड़ता है। कॉरिडोर के निर्माण के बाद दोनों देशों के बीच शांति का संदेश गया है। दिनकर गुप्ता गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को प्रश्नों के घेरे में लाना सिखों को बदनाम करने की एक साजिश है।
क्या आतंकवाद करतारपुर कॉरिडोर खोलने के बाद पैदा हुआ
एसजीपीसी सदस्य किरणजोत कौर का कहना है कि आतंकवाद शब्द पुलिस के लिए अच्छा कारोबार है। यूएन के सेक्रेटरी जनरल ओंटोनियो गयूटर्स करतारपुर कॉरिडोर की सराहना करके गए हैं। ऐसे में डीजीपी दिनकर गुप्ता का बयान निंदनीय है जो सिख तीर्थ यात्रियों को आतंकवादी की संज्ञा दे रहे हैं। हिंद पाक दोस्ती मंच के सतनाम सिंह माणक का कहना है कि करतारपुर कॉरिडोर देश की सुरक्षा एजेंसियों को हजम ही नहीं हो रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां एक भी ऐसा मामला सामने लाकर बात करें कि कोई सिख यात्री करतारपुर कॉरिडोर गया हो और वहां से ट्रेंड आतंकवादी बनकर आया हो, क्या आतंकवाद करतारपुर कॉरिडोर के बाद पैदा हुआ है। सच्चायी यह है कि जितने तीर्थ यात्री पाक जा रहे हैं, उतने ही वापस आ रहे हैं। देश में एक भी ऐसा मामला नहीं आया है, जिसमें करतारपुर साहिब से लौटे यात्री ने कोई नापाक हरकत की हो। दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को भारत-पाक के बीच बढ़ रहा प्यार रास नहीं आ रहा है।
प्रसिद्ध लेखक अमनदीप संधू का कहना है कि डीजीपी दिनकर गुप्ता का बयान हिंदू राष्ट्र के एजेंडे का एक हिस्सा है। करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए 208 बार अरदास करने वाले स्वर्गीय कुलदीप सिंह वडाला के बेटे शिअद विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला का कहना है कि सिख संगत की लंबी अरदास के बाद गुरुघर के दर्शन नसीब होने लगे हैं।
लेकिन कुछ एजेंसियां व ताकतें नहीं चाहती कि भारत पाक में दोस्ती बढ़े और डीजीपी दिनकर गुप्ता का बयान इसी कड़ी का नतीजा है। बयान निंदनीय है और हर साल पंजाब से जत्थे श्री ननकाना सिंह दर्शनों के लिए जाते हैं क्या उनका ब्रेन वाश किया जाता है? एक भी उदाहरण नहीं है, तकलीफ सिर्फ करतारपुर कॉरिडोर से है।