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सेलवेल कंपनी से रिकवरी कराएगा PMO, हस्तक्षेप करते हुए उठाया बड़ा कदम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:41 AM IST
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pm modi
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सेलवेल कंपनी से रिकवरी के मामले में पीएमओ ने हस्तक्षेप किया है। पीएमओ कार्यालय की ओर से इस मामले में बड़ा कदम उठाया गया है। पीएमओ ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। अब नोडल अधिकारी इस मामले को देखेंगे। पिछले साल जून माह में अशोक कुमार मुंजाल ने पीएमओ कार्यालय में शिकायत भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया है कि नगर निगम के अधिकारी सेलवेल कंपनी के साथ मिलीभगत के कारण विज्ञापन शुल्क वसूल नहीं कर पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जब शिकायतकर्ता ने पीएमओ कार्यालय में अर्जी दी थी तब रिकवरी राशि 9 करोड़ की थी, लेकिन अब यह बढ़कर 16 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं नगर निगम कमिश्नर की ओर से मामले में डीसी को सेलवेल सहित कुल 8 कंपनियों की प्रॉपर्टी अटैच करने की अपील की जा चुकी है, लेकिन इस पर सेलवेल कंपनी ने कोर्ट से स्टे ले रखी है। वहीं पीएमओ को भेजी शिकायत में निगम के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि रिकवरी का मामला अभी पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। मालूम हो कि सेलवेल कंपनी को दिए गए पब्लिक टॉयलेट्स का मामला पिछले 6 साल से विवाद में हैं। नगर निगम के अनुसार एक तो कंपनी ने बार बार नोटिस जारी करने के बाद करोड़ों का विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करवाया है और दूसरा जो पब्लिक टायलेट कंपनी ने निगम को वापस दिए है,वो उस स्थिति में नहीं है जिस स्थिति में कंपनी को चलाने के लिए अलॉट किए गए थे।
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नगर निगम ने हाल ही में शहर के 295 टॉयलेट्स को नए सिरे से रखरखाव और इस्तेमाल के लिए देने का टेंडर निकाला है। नगर निगम के अनुसार 2006 से लेकर 2012 तक कंपनी को एक बार 84 और दूसरी बार 46 पब्लिक टॉयलेट्स चलाने के लिए दिए थे। हर टॉयलेट ब्लॉक के बाहर विज्ञापन लगाने के लिए खाली जगह भी छोड़ी गई थी। इसका विज्ञापन शुल्क कंपनी की ओर से नगर निगम में जमा करवाना था, लेकिन कंपनी से ऐसा नहीं किया।
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उल्लेखनीय है कि जब शिकायतकर्ता ने पीएमओ कार्यालय में अर्जी दी थी तब रिकवरी राशि 9 करोड़ की थी, लेकिन अब यह बढ़कर 16 करोड़ रुपये हो गई है। वहीं नगर निगम कमिश्नर की ओर से मामले में डीसी को सेलवेल सहित कुल 8 कंपनियों की प्रॉपर्टी अटैच करने की अपील की जा चुकी है, लेकिन इस पर सेलवेल कंपनी ने कोर्ट से स्टे ले रखी है। वहीं पीएमओ को भेजी शिकायत में निगम के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की है।
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बता दें कि रिकवरी का मामला अभी पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। मालूम हो कि सेलवेल कंपनी को दिए गए पब्लिक टॉयलेट्स का मामला पिछले 6 साल से विवाद में हैं। नगर निगम के अनुसार एक तो कंपनी ने बार बार नोटिस जारी करने के बाद करोड़ों का विज्ञापन शुल्क जमा नहीं करवाया है और दूसरा जो पब्लिक टायलेट कंपनी ने निगम को वापस दिए है,वो उस स्थिति में नहीं है जिस स्थिति में कंपनी को चलाने के लिए अलॉट किए गए थे।
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नगर निगम ने हाल ही में शहर के 295 टॉयलेट्स को नए सिरे से रखरखाव और इस्तेमाल के लिए देने का टेंडर निकाला है। नगर निगम के अनुसार 2006 से लेकर 2012 तक कंपनी को एक बार 84 और दूसरी बार 46 पब्लिक टॉयलेट्स चलाने के लिए दिए थे। हर टॉयलेट ब्लॉक के बाहर विज्ञापन लगाने के लिए खाली जगह भी छोड़ी गई थी। इसका विज्ञापन शुल्क कंपनी की ओर से नगर निगम में जमा करवाना था, लेकिन कंपनी से ऐसा नहीं किया।