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सेक्टर 17 प्लाजा बना फड़ी बाजार
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 05 Nov 2013 03:41 PM IST
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नगर निगम ने सेक्टर-17 के व्यापारियों को स्टाल लगाने की अनुमति दे दी। व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने कमिश्नर और मेयर से मिलकर यह अनुमति देने की मांग की थी।
उन्होंने व्यापारियों को उसी वक्त स्टाल लगाने की मंजूरी दे दी थी। दो साल पहले नगर निगम ने सबलेटिंग शिकायत मिलने के बाद यहां स्टाल लगाने पर पाबंदी लगा दी थी। शाम तक प्लाजा फड़ी बाजार में तबदील हो गया।
दूसरे सेक्टरों के फड़ी वाले भी प्लाजा में पहुंच गए। कई दुकानदारों ने तो अपने स्टाल भी आगे सबलेट कर दिए। लोग प्लाजा में फड़ी बाजार को देखकर हैरान रह गए।
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फड़ियों पर शाम को आवाजें लगाकर सामान बेचा गया। शाम को प्लाजा में खूब भीड़ हो गई। सभी पेड पार्किंग शाम पांच बजे ही फुल हो गईं। गुरदेव स्टूडियो के सामने मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू होने के कारण लोगों को पार्किंग की दिक्कत भी हुई।
सेक्टर 19 और 22 में उमड़ा हुजूम
सेक्टर-19 और 22 की मार्केट में भीड़ अधिक होने के कारण खरीदारी करने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यहां शोरूमों के आगे भी दुकानें लगी थीं। पार्किंग और फुटपाथों पर फड़ियां लगी होने के कारण पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी।
प्लाजा में स्टाल रेट सबसे अधिक
कमिश्नर के आश्वासन के बाद डाकघर के पास के शोरूमों वालों ने अपनी दुकानों के बाहर स्टाल लगा लिया। फड़ी वालों को पता चला तो उन्होंने ने भी अपनी दुकानें सजा लीं।
स्टाल लगाने के बाद शाम को नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता शुल्क लेने के लिए पर्ची काटने पहुंचा। दो दिन के लिए व्यापारियों ने करीब 3700 रुपये शुल्क लिया गया।
यह रेट पूरे शहर के बाजारों से सबसे ज्यादा है। अतिक्रमण हटाओ दस्ते के सुपरिंटेंडेंट कश्मीरा सिंह का कहना है कि व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल कमिश्नर को मिला था। इसके बाद प्लाजा पर व्यापारियों को स्टाल लगाने की मंजूरी दी गई है।
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उन्होंने व्यापारियों को उसी वक्त स्टाल लगाने की मंजूरी दे दी थी। दो साल पहले नगर निगम ने सबलेटिंग शिकायत मिलने के बाद यहां स्टाल लगाने पर पाबंदी लगा दी थी। शाम तक प्लाजा फड़ी बाजार में तबदील हो गया।
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दूसरे सेक्टरों के फड़ी वाले भी प्लाजा में पहुंच गए। कई दुकानदारों ने तो अपने स्टाल भी आगे सबलेट कर दिए। लोग प्लाजा में फड़ी बाजार को देखकर हैरान रह गए।
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फड़ियों पर शाम को आवाजें लगाकर सामान बेचा गया। शाम को प्लाजा में खूब भीड़ हो गई। सभी पेड पार्किंग शाम पांच बजे ही फुल हो गईं। गुरदेव स्टूडियो के सामने मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू होने के कारण लोगों को पार्किंग की दिक्कत भी हुई।
सेक्टर 19 और 22 में उमड़ा हुजूम
सेक्टर-19 और 22 की मार्केट में भीड़ अधिक होने के कारण खरीदारी करने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
यहां शोरूमों के आगे भी दुकानें लगी थीं। पार्किंग और फुटपाथों पर फड़ियां लगी होने के कारण पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी।
प्लाजा में स्टाल रेट सबसे अधिक
कमिश्नर के आश्वासन के बाद डाकघर के पास के शोरूमों वालों ने अपनी दुकानों के बाहर स्टाल लगा लिया। फड़ी वालों को पता चला तो उन्होंने ने भी अपनी दुकानें सजा लीं।
स्टाल लगाने के बाद शाम को नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता शुल्क लेने के लिए पर्ची काटने पहुंचा। दो दिन के लिए व्यापारियों ने करीब 3700 रुपये शुल्क लिया गया।
यह रेट पूरे शहर के बाजारों से सबसे ज्यादा है। अतिक्रमण हटाओ दस्ते के सुपरिंटेंडेंट कश्मीरा सिंह का कहना है कि व्यापारियों का प्रतिनिधि मंडल कमिश्नर को मिला था। इसके बाद प्लाजा पर व्यापारियों को स्टाल लगाने की मंजूरी दी गई है।